आत्महत्या रोकथाम दिवस: खुदकुशी से पहले परिवार का सोचें, कोई है जिसे आपकी चिंता है— राजू साहू

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आत्महत्या रोकथाम दिवस: खुदकुशी से पहले परिवार का सोचें, कोई है जिसे आपकी चिंता है— राजू साहू

के. शंकर @ सुकमा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार आज हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति सुसाइड कर लेता है। युवा वर्ग के लोग आत्महत्या जैसे घातक कदम उठाते हैं। पढ़ाई के प्रेशर, कैरियर प्राब्लम और खराब होते रिश्ते भी इसके कारण हैं।

आज विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस है। इस मौके पर सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ राजू साहू ने लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति आत्महत्या जैसे कदम नहीं उठाए। क्योंकि इसकी पीड़ा पूरे परिवार को झेलनी पड़ती है।

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राजू साहू ने कहा है कि प्लीज़ ऐसा कदम कभी भी ना उठाएं। यदि कोई परेशानी है, कुछ भी टेंशन है तो अपने मम्मी पापा, अपने दोस्त या करीबी रिश्तेदार से एक बार बात जरूर करें। उन्हें अपनी तकलीफ़ों व समस्या से अवगत कराएं, निश्चित तौर पर आपको हल्का महसूस होगा।

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आत्महत्या जैसा कदम उठाना किसी भी मायने में सही नहीं है। ऐसा करने से आपके करीबियों को बहुत दुख होगा, जो कि लाजमी है। इसीलिए आप जिसे अपना समझते हैं, उनसे अपने मन की बात शेयर करें और अगर कोई परेशानी हो तो जरूर बताएं।

क्या है आत्महत्या रोकथाम दिवस

बता दें कि हर साल 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे) मनाया जाता है। लोगों में मानसिक स्वास्थ के प्रति जागरुकता फैलाने और आत्महत्या के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए 2003 में इसे शुरु किया गया था। इसकी शुरुआत आईएएसपी (इंटरनेशनल असोसिएशन ऑफ सुसाइड प्रिवेंशन) द्वारा की गई थी। तक से यह हर साल मनाया जाता है।

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