‘कखगघ’ के इन सिपाहियों ने नक्सलगढ़ में पेश की नज़ीर… उफनती नदी पार कर पहुंचते हैं स्कूल, कोरोना काल में भी गढ़ रहे बच्चों का भविष्य

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‘कखगघ’ के इन सिपाहियों के जज़्बे को सलाम… उफनती नदी पार कर पहुंचते हैं स्कूल, कोरोना काल में भी गढ़ रहे बच्चों का भविष्य

पंकज दाऊद @ बीजापुर। बैलाडिला की पहाड़ियों से निकलने वाली मिंगाचल या बेरूदी नदी की तेज धार भी सालों से इन 4 शिक्षकों के जज्बे के आगे नतमस्तक है। ये शिक्षक अपने स्कूल के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए वक्त पर इन धुर नक्सल प्रभावित गांवों में पहुंच जाते हैं और फिर शुरू होती है, कखगघ की क्लास।

जिले के बीजापुर ब्लाॅक के कोटेर, चेरकंटी, चिन्नाजोजेर एवं जारगोया ऐसे गांव हैं जहां बाइक भी नहीं पहुंचती है क्योंकि रास्ते में तेज धार वाली बेरूदी नदी पड़ती है। जिला मुख्यालय से कोटेर 19, चेरकंटी, 16, चिन्नाजोजेर 28 एवं जारगेाया करीब 30 किमी की दूरी पर हैं।

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कोटेर की प्राथमिक शाला में रामचंद्रम वारगेम, चेरकंटी में राजू पुजारी, चिन्नाजोजेर में हेमलाल रावटे एवं जारगोया में सुधीर नाग पदस्थ हैं। बताते हैं कि कोटेर में रामचंद्रम वारगेम रहते हैं कि लेकिन वे सप्ताह में एक-दो बार जिला मुख्यालय आ जाते हैं।

शिक्षक राजू पुजारी, हेमलाल रावटे एवं सुधीर नाग रोजाना वक्त पर स्कूल पहुंच जाते हैं। ये सिलसिला सालों से चला आ रहा है। कई बार तो इन शिक्षकों को तेज धार के खतरे का सामना भी करना पड़ा लेकिन कमर या पेट तक पानी रहने पर भी वे पैदल नदी पार कर लेते हैं। नदी तट तक के गांवों में वे अपनी बाइक रख देते हैं और फिर अपने स्कूलों की ओर निकल पड़ते हैं।

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कोरोना काल में जब से स्कूलों में ताला लगा है, तब से राज्य सरकार ने मोहल्ला क्लास शुरू की है। अब ये शिक्षक मोहल्ला क्लास लेने रोजाना जाते हैं। कोरोना काल में बाढ़ का संकट भी आ गया और इनके स्कूल वाले गांव अलग-थलग पड़ गए और तक इन शिक्षकों ने गांव से फर्स्ट हैण्ड इन्फाॅर्मेशन प्रशासन तक पहुंचाया। तब गांवों में राहत सामग्री पहुंची।

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ना तो ट्रांसफर की कोशिश और ना ही कोई सियासत

रामचंद्रम वारगेम एवं सुधीर नाग क्रमश कोटेर एवं जारगोया में डेढ़ दशक से इन्हीं हालातों में सेवा दे रहे हैं। अपने ट्रांसफर के लिए ना तो कभी इन्होंने कोशिश की और ना ही कोई नेतागिरी। हेमलाल रावटे 8 बरस से चिन्नाजोजेर में सेवा दे रहें हैं तो राजू पुजारी 6 साल से यहां काम कर रहे हैं।

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