कोरोना काल में चौपट धंधे को पटरी पर लाने पहल… छोटे कारोबारियों को 10 हजार की मदद

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कोरोना काल में चौपट धंधे को पटरी पर लाने पहल… छोटे कारोबारियों को 10 हजार की मदद

पंकज दाऊद @ बीजापुर। केन्द्र की ओर से दी जाने वाली दस हजार रूपए की राशि को लेने के लिए एकदम छोटे व्यापारियों के पास वक्त नहीं है क्योंकि वे यदि कागजात की प्रक्रिया में उलझेंगे, तो एक-दो दिन की कमाई मारी जाएगी। ये रोज कमाने और खाने वाले हैं और इस मदद के आगे फिर पेट का अडंगा आ गया है।

दरअसल, कोरोना काल के दौरान लाॅक डाऊन के चलते छोटेे धंधे या तो चौपट हो गए या फिर बंद होने की दहलीज पर हैं। ऐसे धंधे को उबारने दस हजार की मदद की केन्द्र सरकार की योजना का लाभ लेने अब तक बीस लोगों ने अर्जी दी है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत छोटा व्यापार करने वाले लोगों को दस-दस हजार रूपए की मदद कम ब्याज पर दी रही है। सीएमओ पवन कुमार मेरिया ने बताया कि व्यापारियों को बारह किस्तों में ये राशि लौटानी होगी। इसके लिए तीन से पांच सौ रूपए का ब्याज लगेगा।

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सीएमओ के मुताबिक, कोरोना के चलते कई छोटे व्यापारियों ने धंधा या तो बंद कर दिया या फिर ये चौपट हो गया। ऐसे व्यापारियों की मदद की जा रही है। इसके लिए व्यापारियों को मतदाता पहचान पत्र, आधार से लिंक मोबाइल नंबर आदि जमा करना होगा।

अब तक पालिका के पास 20 आवेदन आए थे और इसमें से 16 आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। पांच फुटकर व्यापारियों को राशि मिल भी गई है। सीएमओ पवन मेरिया ने पाया कि प्रचार-प्रसार के बावजूद हितग्राहियों का कम संख्या में आने के पीछे रोजी रोटी है।

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ये प्रक्रिया ग्राहक सेवा केन्द्र के जरिए होती है और वहीं से आवेदन पालिका के पास आतेे हैं। यदि व्यापारी ग्राहक सेवा केन्द्र जाएंगे तो उन्हें एक या दो दिन भी लग सकता है। इससे उनके रोज के व्यापार पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि शनिवार को लाॅक डाऊन होता है और इस दिन वे सभी ग्राहक सेवा केन्द्रों को खुलवाकर ऐसे छोटे व्यापारियों का काम करवाएंगे। इसमें इन कारोबारियों का नुकसान नहीं होगा।

चार श्रेणी के वेण्डर

सीएमओ पवन मेरिया ने बताया कि चार प्रकार के वेण्डर होते हैं। ऐसे वेण्डर जिनका पंजीयन हो गया है और उन्हें वेण्डर कार्ड मिला है। दूसरे वे जिनका सर्वे हो गया है लेकिन कार्ड नहीं बना है। तीसरे वे जिनका सर्वे ही नहीं हुआ है। चौथे ऐसे लोग हैं, जो गांवों से सब्जी आदि बेचने शहर आते हैं। इन्हें भी पीएम स्वनिधि योजना का लाभ मिलेगा।

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चालीस हजार का जुर्माना

कोरोना से बचाव के एहतियात नहीं बरतने वाले लोगांे के खिलाफ पालिका एवं पुलिस ने साझा अभियान चलाकर 39590 रूपए वसूल किए। कोरोना को लेकर लगातार जनजागरूकता का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके लिए जागरूकता रथ भी चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा ऐसे स्थान जहां कोरोना के केस मिले हैं, वहां सेनेटाइजेषन किया जा रहा है।

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सीएमओ पवन मेरिया ने बताया कि कृषि विभाग के उप संचालक कार्यालय, फारेस्ट कालोनी, डीआरजी कार्यालय आदि को सेनेटाइज किया गया है। कलेक्टर रितेष अग्रवाल के निर्देश पर डोर टू डोर सर्वे किया जा रहा है और खांसी-सर्दी व बुखार के मरीजों का पता लगाया जा रहा है। तबीयत खराब पाए जाने पर मरीजों को हाॅस्पिटल भेजा जा रहा है।