कोरोना के नाम पर किडनी निकाले जाने की अफवाह ! आदिवासियों ने निकाली रैली… CMHO के अलावा डाॅक्टरों को बदलने की मांग

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कोरोना के नाम पर किडनी निकाले जाने की अफवाह ! आदिवासियों ने निकाली रैली… CMHO के अलावा डाॅक्टरों को बदलने की मांग

पंकज दाऊद @ बीजापुर। यहां गंगालूर इलाके के आदिवासियों ने कोरोना के नाम पर किडनी निकाल लिए जाने का आरोप लगाते रैली निकाली और सीएमएचओ के अलावा गंगालूर व चेरपाल के डाॅक्टरों को हटाने की मांग की। गंगालूर रोड में पामलवाया के पास दोपहर करीब आधे घंटे अफसरों की समझाईश के बाद ही आदिवासी गांव लौटे।

बता दें कि पेदाकोरमा, सावनार, तोड़का, रीतावारसा, कुरचोली, ईसुलनार, मनकेली, गोरना, कोरमा, काकेकोरमा, पुसनार, लेण्ड्रा समेत कई गांव के लोग पदेड़ा ग्राम में दोपहर करीब दो बजे एकत्र हुए। वे वहां से रैली की शक्ल में बीजापुर की ओर निकले थे।

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इधर, ग्रामीणों के जिला मुख्यालय पहुंचने के पहले ही एसडीएम डाॅ हेमेन्द्र भूआर्य, एएसपी मिर्जा जियारत बेग, डिप्टी कलेक्टर अमित नाथ योगी, प्रदीप वैद, उसूर एसडीओपी विनोद कुमार मिंज, गंगालूर टीआई पवन वर्मा, कोतवाली टीआई शशिकांत भारद्वाज एवं जवान बड़ी संख्या में पामलवाया के समीप पहुंचे और रैली को वहीं रोक दिया।

रैली में शामिल महिलाएं जिला मुख्यालय जाने की जिद पर अड़ी थीं। तब एसडीएम डाॅ हेमेन्द्र भूआर्य एवं अन्य अफसरों ने बताया कि जिला मुख्यालय जाने पर भी उन्हें ही ज्ञापन देना होगा। आधे घंटे की समझाईश के बाद रैली में शामिल लोग मान गए। तब रैली का प्रतिनिधित्व कर रहे शंकर कुरसम ने राज्यपाल के नाम लिखे मांगपत्र को पढ़कर सुनाया।

ये कहा एसडीएम ने

एसडीएम डाॅ हेमेन्द्र भूआर्य ने लोगों को समझाईश देते कहा कि किडनी निकाले जाने की बात कोरी अफवाह है। कोविड हाॅस्पिटल में इसलिए मरीजों को ले जाने की जरूरत होती है क्योंकि वहां मरीज को आक्सीजन दिया जाता है जबकि घर में ये सुविधा नहीं होती है।

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घर में भी होम क्वारेंटाइन से मरीज ठीक होते हैं लेकिन मरीज को ज्यादा गंभीर होने पर ही हाॅस्पिटल ले जाया जाता है। जहां तक आपरेशन की बात है, इस बीमारी में आपरेशन नहीं किया जाता है।

ग्रामीणों ने लगाया था ये आरोप

आदिवासियों ने ये आरोप लगाया था कि पहले भी कोरोना संक्रमण को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन दिया था और इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोरोना संक्रमण के नाम पर गांव के लोगों को जबरन उठाकर हाॅस्पिटल में भर्ती कराया जा रहा है और वहां ना तो इलाज मिल रहा है और ना ही खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था है।

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ग्रामीणों का कहना था कि शासकीय एवं प्राइवेट हाॅस्पिटल में कोरोना के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। सीएमएचओ डाॅ बीआर पुजारी, चेरपाल और गंगालूर के सभी चिकित्सकों को हटाने की भी मांग आदिवासियों ने की।

छावनी बन गया था भट्टीपारा

मनकेली और गोरना जाने वाले तिराहे के अलावा कलेक्टोरट भी छावनी में तब्दील हो गया था। बड़ी संख्या में महिला कमाण्डो को तैनात किया गया था। सुबह से ही रैली के आने का इंतजार पुलिस कर रही थी। करीब दो बजे रैली आई और ग्रामीणों को मौके पर ही रोक लिया गया।

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