तेंदूपत्ता के नगद भुगतान की मांग, सैकड़ों आदिवासी उतरे सड़क पर… धारा 144 का खुलेआम उल्लंघन

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तेंदूपत्ता के नगद भुगतान की मांग, सैकड़ों आदिवासी उतरे सड़क पर… धारा 144 का खुलेआम उल्लंघन

पंकज दाउद @ बीजापुर। तेंदूपत्ता संघर्ष समिति के झण्डे तले सैक़ड़ों आदिवासी सीआरपीसी की धारा 144 लागू होने के बावजूद जिला मुख्यालय में गुरूवार की सुबह पहुंचे और तेंदूपत्ता रेट बढ़ाने की मांग को लेकर अपनी बात जिला प्रशासन के सामने रखी।

सूत्रों के मुताबिक रैली की शक्ल में आए सैकड़ों लोग जिला मुख्यालय में इंद्रावती टाइगर रिजर्व कार्यालय के सामने सुबह 7 बजे एकत्र हुए। बताया गया है कि इसमें भैरमगढ़ एवं गंगालूर इलाके के ज्यादातर लोग थे।

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मुख्यालय में अचानक भीड़ की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस सतर्क हुई और इन्हें तुमनार रोड की ओर जाने कहा गया। यहां एसडीएम देवेश ध्रुव को लोगों ने ज्ञापन सौंपा। तेंदूपत्ता संघर्ष समिति ने राज्य सरकार से प्रति गड्डी 5 रूपए दिए जाने की मांग की है।

इसके अलावा समिति ने कहा है कि ऑनलाइन पेंमेंट की बजाए संग्राहकों को नगद राशि दी जाए। अभयारण्य में भी तेंदूपत्ता तोड़ाई की अनुमति दी जाए और वहां फड़ खोले जाएं। तेंदूपत्ता संग्राहकों के परिवार के बच्चों को अनिवार्य रूप से छात्रवृत्ति दी जानी चाहिए।

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समिति ने कहा है कि वनोपज की दर तय करने का अधिकार जनता को दिया जाना चाहिए। तेंदूपत्ता तोड़ाई के दौरान हिंसक पशुओं के हमले या फिर अन्य घटना में घायल होने पर पीड़ित को एक लाख रूपए एवं मृत्यु की दशा में उसके परिवार को 5 लाख रूपए तक का मुआवजा दिया जाना चाहिए।

बता दें कि कोरोना के खतरे को देखते जिले में 25 मार्च से धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके तहत चार या इससे अधिक लोगों का एकत्र होना इस धारा का उल्लंघन है।

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