दुम कट गई और बेजुबान की जान बच गई, CRPF के सहायक कमाण्डेंट ने किया बैल की पूंछ का ऑपरेशन

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दुम कट गई और बेजुबान की जान बच गई, CRPF के सहायक कमाण्डेंट ने किया बैल की पूंछ का ऑपरेशन

पंकज दाऊद @ बीजापुर। यहां से 10 किमी दूर गंगालूर रोड पर स्थित पामलवाया गांव में सीआरपीएफ की 85 बटालियन के सहायक कमाण्डेंट एवं पशु चिकित्सक डाॅ मनीर खान ने एक ग्रामीण के बैल की पूंछ का ऑपरेशन कर उसकी जान बचा ली।

पामलवाया गांव के जेम्स कुजूर के बैल की पूंछ में गैंगरिन हो गया था। उसने देसी इलाज करवाया पर इससे फायदा नहीं हुआ। गांव में ही सीआरपीएफ की 85 बटालियन में उसने जाकर डाॅ मनीर खान सहायक कमाण्डेंट से मुलाकात की।

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दरअसल, जेम्स के बैल की पूंछ का संक्रमण बढ़ता जा रहा था और इससे उसके शरीर में गैंगरिन फैलने का खतरा बढ़ गया था। सहायक कमाण्डेंट ने बैल की पूंछ का ऑपरेशन किया। अब बैल की पूंछ का घाव ठीक हो गया है।

– बैल का इलाज करते सहायक कमाण्डेंट डाॅ मनीर खान।

डाॅ मनीर खान ने बताया कि संतोषपुर, चिलनार एवं अन्य गांवोें के लोग भी बकरी, गाय-बैल सूअर एवं अन्य मवेशियों का इलाज करवाने यहां आते हैं। कुछ दिन पहले तीन चार बकरियां तार में फंसकर घायल हो गई थी। उनका इलाज किया गया।

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डाॅ खान ने बताया कि इस क्षेत्र के मवेशियों को सीआरपीएफ की ओर से कृमिनाशक दवाएं नियमित रूप से दी जा रही हैं। स्थानीय पशुपालकों में जागरूकता आई है। बटालियन की ओर से कृषकों की भी मदद की जाती है। इसके अलावा समय-समय पर युवाओं की पढ़ाई में कैम्प की ओर से सहयोग किया जाता है।

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