धान खरीदी की समय सीमा बढ़े, वनाधिकार पट्टे पर भी धान ले सरकार… पूर्व मंत्री गागड़ा बोले- ‘सरकारी शह पर हो रही बारदानों की कोचियागिरी ‘

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धान खरीदी की समय सीमा बढ़े, वनाधिकार पट्टे पर भी धान ले सरकार… पूर्व मंत्री गागड़ा बोले- ‘सरकारी शह पर हो रही बारदानों की कोचियागिरी ‘

पंकज दाऊद @ बीजापुर। पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने आरोप लगाया है कि भूपेश सरकार किसानों से वादाखिलाफी कर रही है और यहां तक कि बारदानों की कोचियागिरी कांग्रेसी सरकार की शह पर कर रहे हैं।

पूर्व मंत्री ने धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाने और वनाधिकार पट्टे पर भी खरीदी की मांग करते कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर भाजपा 22 जनवरी को कलेक्टोरेट का घेराव करेगी।

यहां पत्रवार्ता में पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास राव मुदलियार, पार्टी के जिला अजज मोर्चा अध्यक्ष सुखलाल पुजारी एवं जिला मंत्री सत्येन्द्र ठाकुर मौजूद थे। भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार ने रकबा कम कर दिया है और इससे उन किसानों को ज्यादा फर्क पड़ रहा है, जिन्होंने लोन लिया है।

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भाजपा ने पहले की मानिंद ही खरीदी करने की मांग करते कहा कि बारदानों का पैसा किसानों को वापस किया जाना चाहिए। पिछले साल 83 प्रतिशत धान ही खरीदा गया। पिछले साल ही जिले में 1200 किसानों का धान टोकन कटने के बाद भी नहीं खरीदा गया।

9000 करोड़ का हिसाब नहीं

पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि दो साल में केन्द्र ने राज्य सरकार को नौ हजार करोड़ रूपए दिए। इस राशि का क्या हुआ। इसका हिसाब मांगा जा रहा है लेकिन भूपेश सरकार हिसाब नहीं दे रही है।

शराब में कोरोना टैक्स के अलावा दीगर उत्पादो में टैक्स बढ़ाया गया। केवल इस जिले में करीब साढ़े सात हजार बेरोजगार हैं और इन्हें बेरोजगारी भत्ता नहीं मिला। ये ही करीब 45 करोड़ रूपए होता है। बेरोजगारों के साथ भूपेष सरकार ने वादाखिलाफी की।

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आरटीआई से मिलेगी जानकारी

भाजपा नेताओं ने कहा कि मनरेगा एवं जिले में चल रहे दीगर कार्योें के बारे में जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी जा रही है। अनावश्यक काम भी कराए जा रहे हैं। अभी आश्रम शालाएं बंद हैं ओैर वहां पोताई करवाई रही है। शौचालय यहां नहीं बनाए जा रहे हैं। रिपेयर के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है।

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सप्लाई और ठेका कांग्रेसी कर रहे हैं। अब तो कांग्रेसी ही ये तय कर रहें कि ठेका किसे मिलना है। बाढ़ से ढह गए मकानों के मालिको को मुआवजा और मकान दिए जाने के बजाए उन्हें पोल्ट्री और गौषाले से जोड़ा जा रहा है।

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पूर्व मंत्री गागड़ा ने आरोप लगाया कि मनरेगा में व्यापक अनियमितता हुई है। मशीनों से काम हुआ है। उन्होंने मस्टर रोल सार्वजनिक करने और सामाजिक मूल्यांकन कर इस बात का खुलासा करने की मांग की है कि मनरेगा में कितने लोगों को रोजगार मिला है।

रात्रि विश्राम के लिए आए थे सीएम

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सिर्फ यहां रात्रि विश्राम करने आए थे। भाजपा शासन के दौरान स्वीकृत कार्याें का उन्होंने लोकार्पण किया। सचिवों, पटवारियों और संविदा कर्मियों की समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। पत्रकारों को भी दूर रखने की कोशिश की गई और पत्रवार्ता सीएम ने नहीं ली।

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