नक्सलियों की स्टाइल में उनके लिए ही पर्चे चस्पा… 2 पत्रकारो के खिलाफ जारी फरमान का असल सबब बताएं माओवादी, वर्ना जारी रहेगा आंदोलन

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नक्सलियों की स्टाइल में उनके लिए ही पर्चे चस्पा… 2 पत्रकारो के खिलाफ जारी फरमान का असल सबब बताएं माओवादी, वर्ना जारी रहेगा आंदोलन

पंकज दाऊद @ बीजापुर। सुकमा एवं बीजापुर के दो पत्रकारों को नक्सलियों की सब जोनल कमेटी ने जनअदालत में सजा देने का ऐलान किया है लेकिन इस ऐलान का माओवादियों ने कोई भी पुख्ता सबब नहीं बताया है। इसे लेकर संभाग भर से आए पत्रकारों ने मंगलवार को गंगालूर इलाके में एक सभा की और नक्सलियों की स्टाइल में ही पर्चा चस्पा किए।

सुकमा के पत्रकार लीलाधर राठी एवं बीजापुर के पत्रकार गणेश मिश्रा को नक्सलियों ने 9 फरवरी के एक फरमान में कार्पोरेट घरानों का दलाल कहा है और उन्हें जनअदालत में सजा देने की बात कही है। इस बात से खफा पत्रकारों ने मंगलवार को गंगालूर में एक सभा की।

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इसके पहले पत्रकारों ने जिला मुख्यालय बीजापुर में एक बाइक रैली निकालकर पत्रकारों की एकता का अहसास कराया। गंगालूर की सभा में पत्रकार गणेश मिश्रा ने साफ कहा कि वे इस मामले में साफ हैं और उनका कारपोरेट घरानों से कोई ताल्लूक नहीं है।

यदि ऐसा होता वे इतने साल से बीजापुर में किराए के घर में नहीं रहते। उन्होंने इस इलाके में सालों तक ग्रामीण लोगों की आवाज उठाई है। इसमें उन्होंने किसी का बेजा पक्ष नहीं लिया। बात सारकेगुड़ा की हो या एड़समेटा की, उन्होंने निष्पक्ष होकर मसले को कवर किया।

गणेश मिश्रा ने कहा कि उन पर दलाल होने का आरोप साबित किया जाना चाहिए। वे विशुद्ध रूप से पत्रकार हैं और पत्रकारिता का धर्म निभाया है। ऐसे में सब जोनल ब्यूरो की ओर से उनके खिलाफ पत्र जारी होना आश्चर्यजनक और संदेहास्पद है।

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इस मामले में पत्रकार लीलाधर राठी ने कहा कि उन्होंने ऐसा काम नहीं किया कि नक्सली उनसे नाराज हो जाएं। उन्होंने सुकमा में राठी मार्ट नाम से एक दुकान खोली है और उसमें सभी महिलाएं वर्कर हैं। उनकी पत्नी दुकान की मालकिन हैं। दुकान में काम करने वाली सभी महिलाएं निर्धन हैं ओैर इसी वजह से उनकी आजीविका के लिए उन्होंने उन्हें काम दिया है।

जहां तक 26 जनवरी को दस लोगों को मार्ट की ओर से सम्मानित करने की बात है, तो उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। वे सालों से सुकमा क्षेत्र के लोगों की आवाज बनकर काम कर रहे हैं और उनकी पत्रकारिता निष्पक्ष है।

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इस मौके पर पत्रकार कमल शुक्ला, अनिल मिश्रा, बप्पी राय, सुब्बाराव, रंजन दास, धर्मेंद्र महापात्र, संजय ठाकुर, राजा राठौर, पुष्पा रोकड़े, पीसा राजेन्द्र आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन यूकेश चंद्रकार ने किया। सभा में रायपुर, जांजगीर, कांकेर, कोण्डागांव, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा एवं जगदलपुर के पत्रकार आए थे।

परिवार भी पहुंचा

सभा में स्व साईं रेड्डी, स्व नेमीचंद जैन एवं गणेश मिश्रा के परिवार के सदस्य भी आए थे। पत्रकारों ने मांग की है कि नक्सल लीडर आमने-सामने पत्रकारों से इस मसले पर चर्चा कर स्थिति स्पष्ट करें। इस मामले को लेकर 18 फरवरी को संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एक सभा का आयोजन किया गया है। इसमें संभाग के पत्रकार जुटेंगे।