नक्सली चंगुल से आजाद हुआ CRPF जवान, 5 दिन बाद माओवादियों ने किया रिहा…’खबर बस्तर’ रिपोर्टर के साथ बाइक पर लौटा जवान

83

नक्सली चंगुल से आजाद हुआ CRPF जवान, 5 दिन बाद माओवादियों ने किया रिहा…’खबर बस्तर’ रिपोर्टर के साथ बाइक पर लौटा जवान

के. शंकर @ सुकमा। तर्रेम हमले के बाद नक्सलियों के कब्जे में रहे जवान को लेकर अच्छी खबर आई है। माओवादियों ने 5 दिन बाद अपहृत जवान राकेश्वर सिंह मनहास को रिहा कर दिया।

बता दें कि कि तर्रेम नक्सली हमले के बाद से ही सीआरपीएफ कोबरा बटालियन का जवान राकेश्वर सिंह मनहास लापता था। 3 अप्रैल को एनकाउंटर के दौरान कोबरा 210 बटालियन के राकेश्वर सिंह मनहास का नक्सलियों ने अपहरण किया था।

यह भी पढ़ें :  15 अगस्त के बाद खुलेंगे स्कूल, केन्द्रीय HRD मिनिस्टर ने किया ऐलान... स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम बोले...

घटना के छठवें दिन गुरूवार को बस्तर के घनघोर जंगलों में 20 गांवों के सैंकड़ों ग्रामीणों के समक्ष नक्सलियों ने बंधक जवान को रिहा कर दिया। माओवादियों के शर्त पर सरकार ने गठित की थी 2 सदस्यीय मध्यस्तता के लिए टीम। पद्मश्री धरमपाल सैनी और गोंडवाना समाज के अध्यक्ष बोरैय्या तेलम थे वार्ताकारों में शामिल। इनकी मौजूदगी में जवान को रिहा किया गया।

बता दें कि ‘खबर बस्तर‘ संवाददाता के. शंकर समेत बस्तर के 4 पत्रकारों ने जवान की रिहाई के लिए निभाई थी अहम भूमिका। रिहाई के बाद राकेश्वर सिंह ने ‘खबर बस्तर’ और अन्य पत्रकारों को धन्यवाद दिया है।

यह भी पढ़ें :  BIG BREAKING: छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी की आयोग, निगम, मंडलों की सूची... जानिए कौन बना अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और किसे मिली सदस्यों में जगह !

आपको बता दें कि माओवादियों ने बुधवार को अपहृत CRPF जवान राकेश्वर सिंह मनहास की तस्वीर मीडिया में जारी की थी। वहीं ‘खबर बस्तर’ के सुकमा ब्यूरो के. शंकर को नक्सलियों ने फोन कर कहा कि जवान उनके कब्जे में पूरी तरह स्वस्थ है और वे उसे जल्द छोड़ देंगे।

Read More:

इससे एक दिन पहले 6 अप्रैल को नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर लापता जवान के अपने कब्जे में होने की बात कबूली थी। वहीं जवान के सकुशल होने की सूचना देते हुए कहा था कि सरकार पहले मध्यस्थों का ऐलान करें। फिर हम बंदी जवान को छोड़ देंगे।

यह भी पढ़ें :  सिलगेर मामले की जांच करेंगे सुकमा के दण्डाधिकारी, गांव आएंगे और करेंगे पूछताछ ... कैम्प हटाने पर अभी फैसला नहीं!

Read More: