प्रस्तावित पुल और कैम्प को ले छटपटाए नक्सली, दागे राॅकेट लांचर… SP ने कहा- कनेक्टिविटी पर ही रहेगा फोकस, एरिया नक्सल मुक्त करने हर संभव कोशिश

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प्रस्तावित पुल और कैम्प को ले छटपटाए नक्सली, दागे राॅकेट लांचर… SP ने कहा- कनेक्टिविटी पर ही रहेगा फोकस, एरिया नक्सल मुक्त करने हर संभव कोशिश

पंकज दाऊद @ बीजापुर। तेलंगाना से सटे पामेड़ इलाके के धरमारम में चिंतावागु नदी पर प्रस्तावित पुल और ऑपरेशनल कैम्प को लेकर अभी से नक्सलियों में छटपटाहट शुरू हो गई है।

फोर्स को यहां से हटाने नक्सलियों ने अब हमले भी शुरू कर दिए हैं। अभी 20 अक्टूबर को ही नदी पार से नक्सलियों ने कैम्प की ओर दो राॅकेट लांचर दागे लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।

– प्रस्तावित पुल के स्थल का मुआयना करते एसपी

एसपी कमलोचन कश्यप ने बताया कि 20 अक्टूबर को चिंतावागु नदी के पार से बौखलाए नक्सलियों ने राॅकेट लांचर दागे। इनमें से एक लांचर फट नहीं पाया। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई करते ताबड़तोड़ फायरिंग की। इसके बाद नक्सली भाग गए।

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एसपी कमलोचन कश्यप के मुताबिक पामेड़ एरिया में खासकर नदी पार तेलंगाना के बड़े नक्सली लीडरों का डेरा है। इसे वे सेफ जोन मान रहे हैं। नदी के कारण कनेक्टिविटी नहीं है और इसका फायदा वे उठा रहे हैं। धरमारम तक पहुंच बनाने चिंतावागु में एक पुल बनाया जाएगा। ये एक साल में पूरा हो जाएगा।

– कैम्प का निरीक्षण करते पुलिस कप्तान

इसके पहले नदी किनारे एक कैम्प बनाया जा रहा है। ये ऑपरेशन कैम्प होगा। एसपी का मानना है कि पुल बनने से फोर्स को कम लोगों को ज्यादा सुविधा होगी। बारिश के दिनों में भी वे नदी पार आ सकेंगे। अभी मेडिकल सुविधा के लिए वहां के लोगों को नदी पार कर आने मे दिक्कत होती है।

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एसपी ने कहा कि उसूर तक सड़क बन गई है और इसके आगे भी सड़क बनेगी। इसके बाद धीरे-धीरे सड़क व संचार सुविधा बढ़ जाएगी और फोर्स की आसान पहंच से नक्सलियों का खात्मा हो जाएगा।

आधी होगी दूरी

बासागुड़ा से पामेड़ तक सड़क बनाई जाएगी। इससे बीजापुर से पामेड़ की दूरी सिर्फ 100 किमी ही होगी। अभी चेरला के रास्ते 210 किमी की दूरी तय कर पामेड़ पहुंचना पड़ता है। रास्ते बन जाने पर विकास की गति तेज होगी।

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मोहरा ही है हिड़मा

एसपी कमलोचन कश्यप की मानें तो पामेड़ एरिया में भी हिड़मा की हुकूमत चलती है लेकिन वह सिर्फ मोहरा है। इस एरिया मेें तेलंगाना स्टेट कमेटी के बड़े लीडर चंद्रन्ना उर्फ पुल्लेदी प्रसाद राव, हरिभूषण एवं कट्टरम सुदर्शन उर्फ आनंद डेरा डाले हुए हैं लेकिन उनका नाम सामने नहीं आता है। ये लोग सिर्फ दिमाग चलाते हैं।