भूपेश सरकार के 2 साल का लेखा जोखा: नक्सलियों के ढहाए 192 में से 56 स्कूल फिर से चालू, धान का रकबा बढ़ा

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भूपेश सरकार के 2 साल का लेखा जोखा: नक्सलियों के ढहाए 192 में से 56 स्कूल फिर से चालू, धान का रकबा बढ़ा

पंकज दाऊद @ बीजापुर। भूपेश सरकार के दो साल पूरे होने पर यहां संसदीय सचिव द्वारकाधीश यादव ने बीजापुर जिले में इस अवधि में किए गए कामों का लेखा जोखा पेश करते कहा कि सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया जा रहा है।

संसदीय सचिव द्वारकाधीश यादव ने बताया कि 14 साल पहले जिले में नक्सलियों ने 192 स्कूलों को गिरा दिया था लेकिन इन दो सालों में 56 स्कूल फिर खोल दिए गए हैं और गांव के ही पढ़े लिखे युवा दस-दस हजार के मानदेय पर शिक्षण कर रहे हैं। जिला मुख्यालय में अंग्रेजी मीडियम का स्कूल खोला गया है और इसमें 431 बच्चे पढ़ रहे हैं।

बीते दो साल में करीब 10 हजार बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बना दिया गया है। एक हायर सेकेण्डरी स्कूल, चार प्राथमिक शाला एवं दो माध्यमिक शाला भवनों को बनाया गया है। इसके अलावा पुस्तकालय, प्रयोगशाला एवं पुस्तकालयों का निर्माण किया जा रहा है।

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संसदीय सचिव ने बताया कि जिले के 9916 किसानों का 56.46 करोड़ का कर्ज माफ किया गया। तीन किश्तों में किसानों को मार्च में अंतिम किश्त का भी भुगतान कर दिया जाएगा। वर्ष 2018-19 के 39 हजार मेट्रिक टन के मुकाबले 2019-20 में 58 हजार मेट्रिक टन धान खरीदा गया।

पत्रवार्ता में चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, कलेक्टर रितेश अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, उपाध्यक्ष कमलेश कारम, सदस्य नीना रावतिया उद्दे, प्रदेश कांग्रेस सचिव अजय सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

सब स्टेशन बड़ी सौगात

जिले के लिए इस साल धनोरा में 132-33 केवी उप केन्द्र की स्थापना एक बड़ी सौगात है। दो साल में 98 किमी की 11 केवी व 243 किमी की एलटी लाइन का विस्तार किया गया। 25 केवीए के 103 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए। इससे 72 गांव रौशन हुए। पामेड़ में तेलंगाना से बिजली आपूर्ति की जा रही है।

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लोक निर्माण विभाग ने आठ सड़कों का साठ किमी निर्माण किया। वहीं छग सड़क विकास अभिकरण ने 49 बसाहटों को जोड़ते 118 किमी सड़कें बना डालीं। दो साल में 1308 लोगों को वनाधिकार पट्टा दिया गया। इसी तरह 1501 सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र हैं। 25 बाजारों में समर्थन मूल्य पर 38 लघु वनोपजों की खरीदी कर आदिवासियों को सही दाम दिलाया जा रहा है।

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जिले में तेंदूपत्ते की रेकाॅर्ड तोड़ाई लाॅक डाउन में भी की गई। इस सीजन में संग्राहकों को 33 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। 2018 की बोनस राशि 14 करोड़ रूपए भी दी गई। जिले में कुपोषण में दस फीसदी की गिरावट आई है। ये पौष्टिक आहार आंगनबाड़ियों में देने का नतीजा है। केन्द्रों में पोषण वाटिका भी बनाई जा रही है। जिले में सिंचाई का रकबा भी हौले-हौल बढ़ रहा है।

लाॅकडाउन में भी रोजगार

पंचायत ने मनरेगा के तहत 78473 लोगों को लाॅक डाउन के दौरान रोजगार दिया गया। दो साल में 38.46 मानव दिवस का सृजन किया गया। अभी 97 में से 34 गोठान बना लिए गए हैं और यहां जैविक खाद बनाई जा रही है। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जिले में अधोरचना के ढेरों काम हुए।

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सवा लाख से अधिक मच्छरदानी बंटी

मलेरिया के मामले में जोखिम वाले जिले बीजापुर में 1 लाख 33 हजार 7 सौ 93 मच्छरदानियों का वितरण किया गया। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के तहत प्रथम चरण में 2,87,698 लोगों का परीक्षण किया गया। इनमें से 15,684 लोग पाॅजीटिव पाए गए। दूसरे चरण में मलेरिया के 3766 मरीजों का उपचार किया गया।

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भैरमगढ़ ब्लाॅक में ट्राॅमा सेंटर, न्यू बाॅर्न स्टेबलाईजेशन यूनिट एवं माड्यूलर आपरेशन थिएटर की स्थापना की गई। इस साल 26 नल जल योजनाओं को मंजूरी दी गई है। आंगनबाड़ियों एवं स्कूलों में रनिंग वाॅटर की मंजूरी दी गई। बीजापुर एवं भोपालपटनम ब्लाॅक में 51 पंचायतों को इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है।

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