यहां आज भी महुआ के बदले नमक लेने मजबूर हो रहे गांव वाले..! दो गांवों के सैकड़ों लोग पहुंचे जिला मुख्यालय, विधायक और कलेक्टर से मिलकर लगाई गुहार… जानिए क्या है पूरा माजरा..

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पंकज दाऊद @ बीजापुर। जिले के उसूर ब्लॉक के मारूड़वाका के लोग इस कंप्यूटर युग में भी वस्तु विनिमय के दौर से गुजर रहे हैं। राशन दुकान में मुहैया नहीं होने के कारण वे मंगलवार को उसूर में लगने वाले साप्ताहिक हाट में महुआ देकर खड़ा नमक ले रहे हैं।

अपनी समस्या लेकर मारूड़वाका और नैलाकांकेर के सैकड़ों लोग बाइक और चौदह ट्रैक्टरों में सवार होकर जिला मुख्यालय पहुंचे। वे सुबह आठ बजे गांव से निकले थे और 55 किमी दूरी तय कर बीजापुर पहुंचते उन्हें शाम हो गई।

मारूड़वाका के नागेश कलमू ने बताया कि गांव के लोग राशन दुकान के अलावा दीगर समस्याएं भी लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि नमक और चना राशन दुकान में बंद हो गया है। वे साठ किमी दूर नमक लेने चेरला जाते हैं या फिर 15 किमी दूर उसूर के साप्ताहिक बाजार में महुआ के बदले नमक लेने जाते हैं।

बकौल नागेश, एक किलो महुआ में उन्हें दो किलो खड़ा नमक मिलता है। मारूड़वाका के ही युवक गणेश धुरवा एवं गणेश कड़ती ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन से मारूड़वाका में राशन दुकान खोलने की मांग की थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ, इसलिए ग्रामीणों को यहां आना पड़ा।

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उन्होंने बताया कि गांव के सरपंच तिरूपति भण्डारी राशन दुकान का संचालन उसूर में करते हैं और बारिश में सड़क खराब होने के कारण उन्हें राशन लाने में परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि वे गांव में सड़क, स्कूल, नलकूप, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र आदि की मांग की है।

बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक विक्रम शाह मण्डावी से ग्रामीणों ने मुलाकात कर समस्याएं बताईं। उन्होंने मूलभूत सुविधाआें की मांग की। विधायक ने कहा कि वे सारी सुविधाएं मुहैया कराने की कोशिश करेंगे। उन्होंने इसके लिए प्रस्ताव मांगा है।

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कैम्प लगेगा- वेंकट
प्रभारी कलेक्टर डी राहूल वेंकट ने कहा कि गांव के पढ़े लिखे युवकों को राषन दुकान के संचालन का जिम्मा दिया जाएगा। ग्रामीणों ने डबरी और तालाब की मांग की। इस पर कलेक्टर ने कहा कि गांव के युवा ही डबरी और तालाब बनाएंगे। कलेक्टर ने सड़क का काम भी गांव के युवकों को देने की बात कही। उन्होंने कहा कि समस्याओं के निराकरण के लिए गांव में कैम्प लगाया जाएगा।

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सहायक जिला खाद्य अधिकारी बीएल पदमाकर ने बताया कि कलेक्टर केडी कुंजाम से ग्रामीणों ने मुलाकात की थी। कलेक्टर ने छह जुलाई को उसूर में ग्रामीणों को चर्चा के लिए बुलाया था लेकिन कोई नहीं आया।

जहां तक राशन दुकान मारूड़वाका में खोलने की बात है, बारिश में ये नामुमकिन है क्योंकि सड़क खराब है। बीएल पदमाकर ने बताया कि उसूर की राशन दुकान मेंं जून एवं जुलाई का राशन पड़ा है। इसका भौतिक सत्यापन हो गया है।