यूपी और हरियाणवी खेतों की हवा लगी और वह बन गया ‘बड़ा’ किसान… 5 एकड़ में ली 80 क्विंटल उपज, अब मछली पालन भी

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यूपी और हरियाणवी खेतों की हवा लगी और वह बन गया ‘बड़ा’ किसान… 5 एकड़ में ली 80 क्विंटल उपज, अब मछली पालन भी

पंकज दाऊद @ बीजापुर। उसूर ब्लाॅक के आवापल्ली गांव के किसान महेश कक्केम को कृषि विभाग की ओर से कराए गए शैक्षणिक भ्रमण के दौरान यूपी और हरियाणा के खेतों की ऐसी हवा लगी कि वह फकत पांच एकड़ का मालिक होने के बाद भी ‘बड़ा’ किसान बन गया।

जिला प्रशासन की ओर से महेश कक्केम के खेतों के अवलोकन के लिए मंगलवार को भ्रमण के लिए भेजा गया था। इस दौरान जनसंपर्क विभाग के उप संचालक कमल बघेल एवं सहायक संचालक दिनेश नेताम भी मौजूद थे।

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आवापल्ली के कक्केम पारा में रहने वाले महेश ने बताया कि वह कई बार कृषि विभाग के सौजन्य से शैक्षणिक भ्रमण पर आंध्रप्रदेश, हरियाणा, उत्तरप्रदेश एवं नई दिल्ली गया। उसे वहां खेती किसानी के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला। जब वह गांव लौटा तो उसने भी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल खेतों में शुरू किया। दूसरी फसल लेने लगा।

इस साल महेश ने पांच एकड़ में धान की 80 क्विंटल की उपज ली है। उसने एचएमटी, एमटीयू 1010 एवं एमटीयू 1001 किस्में लगाईं थीं। उसने पूरा धान समर्थन मूल्य पर बेच दिया। घर के इस्तेमाल के बारे में पूछे जाने पर उसने कहा कि पहले से ही उसके पास एचएमटी चावल रखा है।

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महेश ने बताया कि उसने सरकारी योजना के तहत सोलर पंप लिया और नलकूप खनन करवाया। इसका काफी फायदा हुआ। उसने धान के बाद सब्जी लेना शुरू किया है। भिण्डी, लाल भाजी, जीर्रा भाजी, भिण्डी, पालक, सेम, बरबट्टी आदि फसल वह ले रहा है।

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कृषक महेश ने बताया कि आधे एकड़ की डबरी भी उसने बनवाई है। इसमें उसने इस साल काॅमन कार्प, सिल्वर काॅर्प एवं ग्राॅस कार्प के सीड छोड़े हैं। उसने बताया कि धान से उसे करीब दो लाख रूपए मिल जाएंगे। इसके अलावा सब्जी से भी उसे काफी आमदनी हो जाती है।

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विज्ञान संकाय से बारहवी उत्तीर्ण महेश कक्केम का छोटा सा परिवार है। उसकी मां के अलावा घर में पत्नी एवं एक पुत्र हैं। आवापल्ली के एसएडीओ एलए नेताम ने बताया कि सभी किसानों की तरह महेश को भी सरकारी योजना का लाभ दिया गया। उसने दिलचस्पी ली और उन्नत खेती की ओर कदम रखे।

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