साढे़ 7 फीसदी लोगों के पास आधार नहीं, बिना कार्ड ले रहे राशन

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साढे़ 7 फीसदी लोगों के पास आधार नहीं, बिना कार्ड ले रहे राशन

पंकज दाऊद @ बीजापुर। जिले में सरकारी राशन लेने वाले करीब साढे़ सात फीसदी लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है। ये वे लोग हैं जो अंदरूनी गांवों में रहते हैं और उन्हें आधार कार्ड के फायदों की जानकारी नहीं है।

सूत्रों के मुताबिक जिले में 60386 राशन कार्ड हैं और इनमें 202450 मेंबर हैं। इनमेें से 187557 सदस्यों ने आधार बनवा लिया है जबकि 14893 लोगों ने इसमें अब तक दिलचस्पी नहीं ली है। मिरतूर, पामेड़, गंगालूर, बासागुड़ा समेत अंदरूनी इलाकों केे गांवों के लोग ही आधार नहीं बनवा रहे हैं।

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इस बारे में खाद्य विभाग ने कई बार कार्ड बनवाने की सलाह दी है लेकिन साढ़े 7 फीसदी लोग अभी भी ऐसे ही राशन उठा रहे हैं। विधवा, गंभीर रूप से बीमार, विशेष पिछड़ी जनजाति, निःशक्त मुुखिया आदि के लिए जिले में 22601 अंत्योदय राशन कार्ड बने हैं जबकि पंजीकृत बेसहारा के लिए जिले में 7 निराश्रित राशन कार्ड बने हैं।

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आवासहीन एवं मजदूरों के लिए जिले में 181 अन्नपूर्णा राशन कार्ड बनाए गए हैं। वहीं भूमिहीन या पांच एकड़ तक के भूस्वामियों के लिए 34549 प्राथमिकता कार्ड हैं। जिले में दिव्यांगों के लिए 40 कार्ड बनाए गए हैं। वहीं एपीएल श्रेणी में आने वाले लोगों के लिए कार्ड की संख्या 3011 है।

एपीएल श्रेणी के लोगों को प्रतिमाह 35 किलो चावल 10 रूपए किलो की दर से दिया जा रहा है वहीं दिव्यांग के लिए अलग से राशन कार्ड बनाकर एक रूपए किलो की दर से 10 किलो चावल दिया जा रहा है।

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प्राथमिकता कार्ड के जरिए एक रूपए किलो की दर से तीन सदस्यों वाले परिवार को 35 किलो चावल दिया जा रहा है। इसके बाद प्रति सदस्य सात किलो दिया दिया जा रहा है। अंत्योदय एवं निराश्रित र्काउ में भी 35 किलो चावल दिया जा रहा है।

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