सैंकड़ों स्कूल भवन तोड़ने और छात्रों की हत्या करने वाले नक्सलियों के मुँह से शिक्षा की बातें शोभा नही देती: फ़ारूख अली

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सैंकड़ों स्कूल भवन तोड़ने और छात्रों की हत्या करने वाले नक्सलियों के मुँह से शिक्षा की बातें शोभा नही देती: फ़ारूख अली

के. शंकर @ सुकमा। नक्सलियों की कटेकल्याण एरिया कमेटी के नाम से हाल ही में एक पर्चा जारी किया गया था, जिसमें शिक्षा नीति का विरोध जताया था। इस पर नक्सल विरोधी एवं समाज सेवी फ़ारूख अली ने कहा है कि पर्चे में नक्सलियों ने छात्रों के लिए चिंता करने का ढोंग किया है।

अली का कहना है कि बस्तर संभाग मे नक्सलियों द्वारा सैंकड़ों स्कूल भवनों को तोड़ दिया गया। कई छात्रों की नक्सलियों ने हत्याएं की। कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा व दंतेवाड़ा जिले के कई छात्र छात्राएं नक्सली दँश के कारण पढ़ नही पा रहे हैं। ऐसे में उनके मुँह से शिक्षा की बातें हज़म नही हो रही है।

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फारूख के मुताबिक, अंदरूनी गाँवों मे नक्सली बच्चों को पढ़ने नही दे रहे हैं। सुकमा जिले के कई इलाक़ों मे नक्सलियों ने छात्रों की हत्याएँ की। दोरनापाल इलाक़े मे दो छात्रों को आँखे फोड़कर तड़पा तड़पाकर मारा। कोंटा मे 8 साल की बच्ची के प्रेशर आईईडी में चीथड़े उड़ा दिए।

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Naxalites issued press note in protest against new education policy
– नक्सलियों के इसी पर्चे पर फ़ारूख अली ने सवाल खड़े किए हैं…

सुकमा में लाईवलीहुड कालेज मे पढ़ने वाले छात्र का अपहरण कर बेदर्दी से उसकी हत्या कर दी। छात्र का क़सूर सिर्फ़ इतना था के वो पढ़ना चाहता था। फ़ारूख ने आगे कहा कि कांकेर मे भी ऐसे ही छात्रों को मारा गया। दंतेवाड़ा जिले मे भी कई छात्रों की हत्याएँ सिर्फ़ इसलिए की क्योंकि वो पढ़ना चाहते थे।

नक्सल विरोधी एवं समाज सेवी फ़ारूख अली ने जनता से अपील करते हुए कहा के बाहरी नक्सलियों के बहकावे मे आकर बस्तर को तबाह करने एवं निर्दोष ग्रामीणों की हत्याएँ करने वाले क्षेत्रीय नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ें। आत्मसमर्पण कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।

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