एस्सार-नक्सली फंडिंग मामले में सोनी सोढ़ी समेत 4 आरोपी दोषमुक्त… NIA कोर्ट का 11 साल बाद आया फैसला, 15 लाख रुपए लौटाने का भी आदेश

1902
4 accused including Soni Sodhi acquitted in Essar-Naxal funding case

एस्सार-नक्सली फंडिंग मामले में सोनी सोढ़ी समेत 4 आरोपी दोषमुक्त… NIA कोर्ट का 11 साल बाद आया फैसला, 15 लाख रुपए लौटाने का भी आदेश

दंतेवाड़ा/रायपुर @ खबर बस्तर। एस्सार कंपनी और माओवादियों के बीच पैसे की कथित लेन-देन के मामले में NIA की विशेष अदालत ने करीब 10 साल बाद फैसला सुनाया है। एनआईए ने इस मामले में सोनी सोढ़ी समेत 4 आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।

4 accused including Soni Sodhi acquitted in Essar-Naxal funding case

NIA की विशेष अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार देवांगन, NIA एक्ट/अनुसूचित अपराध ने अपना फैसला सुनाते हुए पुलिस द्वारा ​जब्त बताई गई 15 लाख रुपए राशि को ठेकेदार बीके लाला को लौटाने का भी आदेश दिया है।

यह भी पढ़ें :  फरसपाल में ICICI बैंक की शाखा का शुभारंभ, एटीएम भी खुला... ग्रामीणों को मिलेगी बैंकिंग की सुविधा

आपको बता दें कि सितंबर 2011 में एस्सार कंपनी द्वारा नक्सलियों को पैसा पहुंचाने के आरोप में दंतेवाड़ा पुलिस ने सोनी सोढ़ी समेत उनके भतीजे लिंगाराम कोड़ोपी, ठेकेदार बीके लाला और एस्सार महाप्रबंधक डीवीसीएस वर्मा को आरोपी बनाया था।

4 accused including Soni Sodhi acquitted in Essar-Naxal funding case

 

इस हाई प्रोफाईल मामले में पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके बाद एनआईए कोर्ट ने सभी को दोषमुक्त कर दिया है। चारों आरोपियों को पहले ही जमानत मिल गई थी लेकिन वो दोषमुक्त नहीं हुए थे।

यह भी पढ़ें :  बोलेरो वाहन से डेढ़ लाख रूपए पार करने वाला आरोपी गिरफ्तार... पुलिस ने चंद घंटे में सुलझाया मामला, आरोपी के पास से रूपयों भरा बैग बरामद

क्या था पूरा मामला

सितंबर 2011 को दंतेवाड़ा पुलिस ने एस्सार-नक्सली फंडिंग मामले का खुलासा किया था। पुलिस का आरोप था कि किरंदुल स्थित एस्सार कंपनी के तत्कालीन जीएम डीवीसीएस वर्मा ने ठेकेदार बीके लाला को 15 लाख रुपए नक्सलियों तक पहुंचाने के लिए दिए थे। जिसके बाद ठेकेदार बीके लाला अपने वाहन में सवार होकर पालनार बाजार पहुंचा।

4 accused including Soni Sodhi acquitted in Essar-Naxal funding case
– दंतेवाड़ा के तत्कालीन एसपी अंकित गर्ग।

पुलिस के मुताबिक, ठेकेदार बीके लाला लिंगाराम कोड़ोपी एवं सोनी सोढ़ी के माध्यम से नक्सलियों को 15 लाख रुपए देने पालनार साप्ताहिक बाजार के पास पहुंचा था। उसी समय पुलिस मौके पर पहुंची और बीके लाला और लिंगाराम को पकड़ लिया। इस बीच बाजार की भीड़ का फायदा उठाकर सोनी सोरी फरार हो गई।

यह भी पढ़ें :  सलमान खान की हीरोइन आएंगी बस्तर, ब्यूटी अवॉर्ड शो में करेंगी शिरकत