5 एकड़ में फसल ले 10 एकड़ का धान नहीं बेच सकेंगे किसान ! फर्जी धान खरीदी पर नकेल कसने नया नियम लागू

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5 एकड़ में फसल ले 10 एकड़ का धान नहीं बेच सकेंगे किसान ! फर्जी धान खरीदी पर नकेल कसने नया नियम लागू

पंकज दाऊद @ बीजापुर। अब धान बेचने में किसान गड़बड़झाला नहीं कर सकेंगे क्योंकि गिरदावरी से ये पता लग जाएगा कि किसान ने कितने एरिया में फसल ली है।

सूत्रों के मुताबिक इस साल से सरकार ने नया नियम लागू किया है। इसके तहत पटवारी किसान के खेत में जाकर ये पता लगाएगा कि उसने कितने एकड़ में धान की फसल ली है। इतने एकड़ के मान से ही उस किसान का धान खरीदा जाएगा।

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एक अनुमान के मुताबिक जिले में करीब 40 हजार किसान हैं। इनमें से पिछले साल तक लैम्प्स में 11093 किसानों ने अपना पंजीयन कराया था। कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने सभी तहसीलदारों और लैम्प्स प्रबंधकों को नए पंजीयन करने एवं पंजीकृत किसानों का नवीकरण करने का आदेश दिया है। 16 अगस्त से 31 अक्टूबर तक पंजीयन अवधि तय की गई है।

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उम्मीद है कि इस साल पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़कर 15000 तक हो जाएगी। इससे धान खरीदी ज्यादा हो सकेगी। समर्थन मूल्य बढ़ने से पिछले साल जिले में धान की रेकाॅर्ड करीब साढ़े 5 लाख क्विंटल की धान खरीदी हुई थी और इस साल धान का रकबा भी बढ़ा।

SDM warns of canceling licenses of ration shops

बताया गया है कि कुछ किसानों ने इसलिए पंजीयन नहीं कराया है क्योंकि वे धान को खरीदी केन्द्रों में नहीं बेचते हैं और खुद इस्तेमाल करते हैं। कुछ किसानों पास जमीन कम है और इन्होंने भी पंजीयन नहीं कराया है।

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नए केन्द्रों का प्रस्ताव

स्थानीय विधायक विक्रम मण्डावी एवं कलेक्टर रितेश अग्रवाल की पहल पर 4 नए धान खरीदी केन्द्र खोलने प्रस्ताव भेजा गया है। कोंगूपल्ली, इलमिड़ी, भद्रकाली एवं मिरतूर शामिल हैं। इन केन्द्रों के खुल जाने से आसपास के किसानों को सुविधा होगी। इन गांवों के लोगों ने विधायक विक्रम मण्डावी से केन्द्र खोलने का आग्रह किया था। पिछले साल बासागुड़ा एवं गुदमा में केन्द्र खोले गए थे।

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