8 साल की मासूम मंतशा ने रखे पूरे रोज़े, दुनिया से कोरोना महामारी खत्म करने की मांगी दुआ

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8 साल की मासूम मंतशा ने रखे पूरे रोज़े, दुनिया से कोरोना महामारी खत्म करने की मांगी दुआ

कोंडागांव @ खबर बस्तर। रमजानुल मुबारक का पाक महीना अब हमारे आंखों से ओझल होने वाला है। ईद उल फित्र को लेकर रोज़ेदारों में जहां खुशियां देखी जा रही है, वहीं उन्हें रमज़ानुल मुबारक के बाबरकत वाले महीने के गुजरने का गम भी है।

कोंडागांव विकास नगर के निवासी हाजी मोहम्मद उमर खान की पोती 8 साल की नन्ही रोजेदार मंतशा खान भी उन्ही रोजदारों में शामिल है। मंतशा ने भी रमजान के मौके पर पूरे रोजे रखकर अल्लाह को राजी करने की कोशिश की है।

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बता दें कि मंतशा खान सुन्नी यूथ विंग के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद इरफान खान की बेटी है। नन्ही रोजेदार ने कहा कि वह अल्लाह की रज़ा के लिए रोजे रखती हैं। रोजे रखकर उन्हें काफी खुशी होती है। सुबह उठकर सेहरी करना और दिनभर भूख की शिद्दत के एहसास के बाद शाम को इफ्तार करने में बहुत सुकून मिलता है।

मंतशा ने कहा कि इफ्तार के वक़्त हाथ उठाकर अल्लाह से मुल्के हिंदुस्तान से कोरोना जैसी महामारी (वबा) को हमेशा के लिए खत्म करने की दुआएं मांगती हूं। क्योंकि ये वो वक़्त होता जब सच्चे दिल से अल्लाह जो भी जायज़ दुआ मांगो इंशाअल्लाह वह पूरी होती है।

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6 साल की उम्र से रोज़ेदार

मंतशा के वालिद मोहम्मद इरफान ने बताया कि मंतशा 6 वर्ष की उम्र से रोज़ा रखना शुरू कर दिया था। पहली मर्तबा उसने 13 रोज़ा रखा था। फिर 7 वर्ष की उम्र में 15 रोज़ा और इस साल 8 वर्ष की उम्र में मंतशा ने मुकम्मल रोज़ा पूरा कर लिया है।