चिंतावागु नदी में डूबे किसान के 83 मवेशी, तट पर बांध रखे थे गाय और बैल

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बारिश का कहर: चिंतावागु नदी में डूबे किसान के 83 मवेशी, तट पर बांध रखे थे गाय और बैल

पंकज दाऊद @ बीजापुर। उसूर ब्लाॅक के मुरकीनार पंचायत के आश्रित ग्राम पंगनपाल में चिंतावागु नदी ने इस साल साल अपना ऐसा रूप दिखाया कि गांव के किसान भीमा लच्छा के 83 मवेशी रविवार की रात को डूब गए।

पंनगपाल के पुरानापारा निवासी भीमा लच्छा के मुताबिक ये सारे मवेशी उसी के थे। उसने बताया कि रोज की तरह उसने रविवार की शाम अपने मवेशियों को अपने घर से करीब डेढ़ किमी दूर चिंतावागु नदी के किनारे बांध दिया था।

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भीमा को पता था कि नदी का पानी यहां तक नहीं आता है क्योंकि वह सालों से अपने मवेशियों को यहीं बांधता रहा था। इस गोठान के पास चार मकान भी हैं। उसने बताया कि रविवार की रात 10 बजे जब पानी चढ़ा तो वह अपने मवेशियों को देखने नदी तट पर गया। उसने वहां सभी मवेशियों को मृत पाया।

– किसान भीमा लच्छा

भारी बारिश में आसपास बने चार मकान भी ढह गए थे और इन घरों में रहने वाले लोग अपने मवेशियों को उंचे स्थान की ओर ले जा चुके थे। भीमा ने बताया कि उसके 20 बछड़े, 18 बैल एवं 45 गायें बाढ़ में डूब गईं। इनमें से 10 गायें दूध दे रही थीं।

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इस घटना की खबर उसने पटवारी चिड़ेम और पंचायत सचिव पण्डा कावरे को दी। अब तक मवेशियों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। सुबह पटवारी व सचिव ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी। सीईओ एसडी बंजारे भी मंगलवार को भीमा के घर पहुंचे और जानकारी ली।

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सीईओ ने बताया कि मवेशियों को बुधवार को निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने इसके पीएम के लिए पशुधन विभाग को आदेशित किया है। सूत्रों के मुताबिक कुरसम नारायण, एर्रा, कुरसम, कुरसम बोर्रा एवं वेंकट राव के घर जमींदोज हो गए। वे पुरानापारा में दूसरों के घरों में शरण लिए हुए हैं।

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