लाल गलियारे में फूटा कोरोना बम, 10 नक्सलियों की मौत ! दंतेवाड़ा SP का दावा- कोरोना और फूड पॉइजनिंग से मारे गए माओवादी

29

लाल गलियारे में फूटा कोरोना बम, 10 नक्सलियों की मौत ! दंतेवाड़ा SP का दावा— कोरोना और फूड पॉइजनिंग से मारे गए माओवादी

दंतेवाड़ा @ खबर बस्तर। देशभर में कोरोना के कहर के बीच दक्षिण बस्तर के जंगलों से आ रही ये खबर पूरे बस्तर में तबाही मचा सकती है। दरअसल, बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सक्रिय नक्सली संगठन इन दिनों कोरोना महामारी से जूझ रहा है।

Maoists reached the police after saving the lives of Naxalites

दक्षिण बस्तर के दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के जंगलों में करीब 200 नक्सली कोरोना संक्रमण के शिकार हो चुके हैं और लगभग 10 नक्सलियों की कोरोना से मौत भी हो चुकी है। इस बात का दावा किया है दंतेवाड़ा जिले के एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने।

यह भी पढ़ें :  खेतीहर मजदूरों को कैंसर से बचाएगा ये ड्रोन ! फसल की रोगों से रक्षा करने दवा छिड़काव में इस्तेमाल

Read More:

दंतेवाड़ा एसपी डॉ पल्लव के मुताबिक, इस बात की विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि ​हाल के दिनों में करीब 200 नक्सली कोरोना संक्रमित हुए हैं। इसके अलावा करीब 8-10 नक्सलियों के शव जलाए जाने की सूचना मिली है। आशंका है कि मारे गए माओवादी कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें :  Lockdown: पांच वाहनों को ट्रांसिट पास जारी, राशन और सब्जी लाने जगदलपुर तक जाने की ही अनुमति

Read More:

दंतेवाड़ा एसपी का कहना है कि करीब 15 दिन पहले करीब 400-500 की संख्या में नक्सली बीजापुर—सुकमा जिले के सरहदी क्षेत्र के के जंगलों में एकत्रित हुए थे। इस दौरान एक्सपायरी फूड और दवा का सेवन करने से कई माओवादी फ़ूड पॉइजनिंग का शिकार हुए। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने और मास्क नहीं लगाने की वजह से बड़ी संख्या में नक्सली कोरोना संक्रमित हुए हैं। हालांकि, नक्सली इस बात को छिपा रहे हैं।

यह भी पढ़ें :  नक्सलियों ने दंतेवाड़ा में 4 वाहनों में की आगजनी, ठेकेदार को दी ये चेतावनी !

सरेंडर करें नक्सली, पुलिस कराएगी इलाज

एसपी अभिषेक पल्लव के मुताबिक, कोरोना संक्रमण की मार झेल रहे नक्सली दवाई ढूंढ़ने में लगे हैं। वहीं कोरोना वैक्सीन पर भी उनकी नजर है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि अगर नक्सली सरेंडर करते हैं तो पुलिस उनका इलाज कराने तैयार है। नक्सलियों के कोरोना पॉजिटिव होने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के भी संक्रमित होने का खतरा है।