कुछ इस तरह कष्ट सहकर शक्तिपीठ पहुंच रहे ‘माता के मतवाले’… मांईजी का दर्शन कर भूल जाते हैं सारी तकलीफें

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कुछ इस तरह कष्ट सहकर शक्तिपीठ पहुंच रहे ‘माता के मतवाले’… मांईजी का दर्शन कर भूल जाते हैं सारी तकलीफें

दंतेवाड़ा @ खबर बस्तर। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की आस्था देश-विदेश में फैली है। माता के भक्त तमाम दुश्वारियों को बर्दाश्त कर शक्तिपीठ पहुंचते हैं और मांई दंतेश्वरी के दर्शन कर अपनी मुरादें पाते हैं। ऐसा ही नजारा इस साल भी दिख रहा है।

बता दें कि कोरोना के तीसरे लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इस बार भी शारदीय नवरात्र पर मंदिर को बंद रखने का निर्णय लिया था। लेकिन भक्तों के उत्साह को देखते हुए जिला प्रशासन व टेंपल कमेटी को ये फैसला बदलना पड़ा और माता का दरबार भक्तों के लिए खोल दिया गया।

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हालांकि, इस बार पहले के सालों की तरह श्रद्धालुओं की भीड़ शक्तिपीठ में नहीं उमड़ रही है लेकिन बहुतेरे माता के भक्त ऐसे हैं, जो दूर दराज के इलाकों से पैदल चलकर मां के दरबार में पहुंच रहे हैं। इनमें कई श्रद्धालु ऐसे भी हैं जो घुटनों के बल चलकर और लुढककर शक्तिपीठ का रास्ता तय कर रहे हैं।

सोमवार को करीब दर्जनभर भक्त ऐसे दिखे जो माता से मन्नत मांगने इस तरह मंदिर पहुंचे थे। इनमें से कोई अपनी मन्नत पूरी होने के बाद मां को कृतज्ञता प्रकट करने आ रहा है, तो कोई मन्नत मांगने अपने शरीर को कष्ट देकर माता के दरबार में हाजिरी लगा रहा है। कुछ भक्त तो जमीन पर लेटते हुए माता के दरबार पहुंचे।

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