गोबर को मिलने लगी लकड़ी की शक्ल ! पालिका ने मंगाई पंजाब से मशीन, कई उपयोग होंगे इसके

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Dung wood made by machine

गोबर को मिलने लगी लकड़ी की शक्ल ! पालिका ने मंगाई पंजाब से मशीन, कई उपयोग होंगे इसके

पंकज दाऊद @ बीजापुर। अब गोबर से केवल जैविक खाद भी नहीं बन रही है बल्कि पालिका ने सूखे गोबर को लकड़ी की शक्ल देना शुरू कर दिया है। ये लकड़ी होटलों के अलावा अंतिम संस्कार में भी उपयोग में लाई जा सकेगी।

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नगरपालिका सीएमओ पवन कुमार मेरिया ने बताया कि जैतालूर रोड स्थित पालिका के गोठान में आवारा मवेशियों को रखा जाता है और यहां कुछ पशुपालक भी अपने मवेशी छोड़ जाते हैं। अब गोधन न्याय योजना के तहत गोठान में गोबर खरीदी की जा रही है।

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गीले गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाया जा रहा है। इसके अलावा अब यहा कम सूखे गोबर से ईधन बनाने का काम शुरू किया गया है। पंजाब से एक मशीन मंगाई गई है।

ये मशीन कम सूखे गोबर को लकड़ी की शक्ल देती है। इसे सूखाकर ईंधन के रूप में प्रयुक्त किया जा सकता है। होटल, ढाबों के अलावा इसे अंतिम संस्कार में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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उन्होंने बताया कि ये काम स्व सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं। बारिश के दिनों में इसका प्रोडक्शन कम होगा लेकिन ठण्ड एवं गर्मी के मौसम में इसका उत्पादन बढ़ जाएगा। गोबर की उपलब्धता के आधार पर भी प्रोडक्षन रेट बढ़ेगा।

बताया गया है कि गर्मी के दिनों में ये एक दिन में ही सूख जाएगा और इस्तेमाल के लायक हो जाएगा। ये मशीन बिजली चालित है। गोबर से बनाई गई लकड़ी का रेट मशीन के खरीदी मूल्य, गोबर, बिजली का खर्च एवं स्वसहायता समूह के सदस्यों के मेहनताने के आधार पर तय किया जाएगा।

तेलापिया मछली पाली जाएगी

सीएमओ पवन मेरिया ने बताया कि पालिका के गोठान में एक तालाब भी बनाया गया है। यहां तेलापिया मछली इसी साल छोड़ी जाएगी। दरअसल, इसके जिंदा रहने की दर अधिक है और बाजार में इसकी डिमाण्ड भी काफी है।

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सीएमओ के मुताबिक अगले साल से यहां रोहू, कतला एवं मृगल मछलियां पाली जाएंगी। तालाब में गोबर डालने से मछली की बढ़वार भी अच्छी होगी। अगले साल से यहां मछलियों के लिए चारे की व्यवस्था भी की जाएगी।

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