सादगी से मनेगा ईद-उल-अजहा का त्यौहार, अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने कलेक्टर को पत्र लिख कर बताई अपनी मंशा

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Eid-ul-Azha festival will be celebrated with simplicity

सादगी से मनेगा ईद-उल-अजहा का त्यौहार, अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने कलेक्टर को पत्र लिख कर बताई अपनी मंशा

दंतेवाड़ा @ खबर बस्तर। कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि दंतेवाड़ा के अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर मोहम्मद कासिम ने छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड रायपुर के पत्र को संदर्भ रखते हुए उनको पत्र लिखा है कि उनके और समुदाय के द्वारा ईद-उल-अजहा का त्यौहार घरों में सादगी से मनाया जाएगा।

Eid-ul-Azha festival will be celebrated with simplicity

ईद के मौके पर किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होंगे और संक्रमण के बचाव एवं जारी लॉकडाउन के नियमों का सभी मस्जिदों में पूर्व से ही पालन किया जा रहा है। आगे भी पालन किया जाएगा साथ ही कुर्बानी घर पर ही दी जावेगी एवं उसका हिस्सा आसपास के घरों में ही तकसीम किया जावेगा।

कलेक्टर दीपक सोनी ने कमेटी के इस पहल की प्रसंशा करते हुए कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौर में इतनी बड़ी कुर्बानी देना ही सही मायने में ईद-उल-अजहा मनाना है।

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गौरतलब है कि ईद-ए-अजहा के त्योहार के सम्बंध में छत्तीसगढ़ राज्य वफ्फ बोर्ड द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है, जिसमे यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि त्यौहार सादगी से मनाया जाएगा। किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होंगे, ईदगाहों में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी।

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नहीं होंगे ईद मिलन के कार्यक्रम

ईद के दिन शनिवार को सुबह फजर के नमाज के तुरंत बाद ईद-ए-अजहा अदा कर ली जाएगी। बेवजह घूमने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। ईद मिलन के कार्यक्रम नहीं होंगे। कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉक डाउन के नियम कायदों का पूरा पालन किया जाएगा।

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कुर्बानी घरों पर ही की जाएगी। इसका यही अर्थ है कि लोग ईद-उल-फितर की भांति घरों पर ही नमाज अदा करेंगे, मस्जिदों में मुतवल्ली समेत अधिकतम 5 व्यक्तियों को ही नमाज अदा करने की इजाजत होगी।

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