आंध्रप्रदेश में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन से हड़कंप, CG के इस जिले में RT-PCR रिपोर्ट के बिना बाहरी लोगों का प्रवेश बैन…जानिए क्यों खतरनाक है कोरोना का नया वैरिएंट

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आंध्रप्रदेश में मिले कोरोना के नए स्ट्रेन से हड़कंप, CG के इस जिले में RT-PCR रिपोर्ट के बिना बाहरी लोगों का प्रवेश बैन…जानिए क्यों खतरनाक है कोरोना का नया वैरिएंट

सुकमा @ खबर बस्तर। आंध्रप्रदेश में कोरोना के नए स्ट्रेन मिलने के बाद सीमावर्ती इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है। इस स्ट्रेन को बेहद खतरनाक बताया जा रहा है लिहाजा आंध्र व तेलंगाना की सीमा से लगे सुकमा जिले के कोन्टा इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है।

सुकमा जिला प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतते हुए जिले में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश के लिए RTPCR रिपोर्ट अनिवार्य कर दिया है। कलेक्टर विनीत नंदनवार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। जिसके तहत बाहर से आने वाले हरेक शख्स को जिले में प्रवेश के लिए 72 घंटे के अंदर का RTPCR रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा।

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कोन्टा पहुंचे कलेक्टर, अधिकारियों की बैठक ली

आंध्रप्रदेश में कोरोना के नए स्ट्रेन मिलने के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। बुधवार को कलेक्टर विनीत नंदनवार कोन्टा पहुंचे और अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कलेक्टर ने आंध्र-छत्तीसगढ़ बार्डर का निरीक्षण किया और पोस्ट में तैनात लोगों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

बार्डर में हो रही सघन जांच

कोरोना के नए स्ट्रेन के संभावित खतरे को देखते हुए सुकमा जिले की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सघन जांच हो रही है। बताया गया है कि बार्डर पर पिछले 1 घंटे में 6 व्यक्ति संक्रमित मिले हैं।

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क्या है कोरोना का नया स्ट्रेन

कोरोना की दूसरी लहर के बीच आंध्रप्रदेश में वायरस का नया स्ट्रेन मिला है। AP Strain और N440K नाम के नए वैरिएंट को मौजूदा स्ट्रेन के मुकाबले 15 गुना ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। वैज्ञानिकों का दावा है कि दक्षिण भारत में अब तक कोरोना के 5 वैरिएंट मिल चुके हैं। जिनमें AP Strain आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में काफी तेजी से फैल रहा है। इसका असर महाराष्ट्र में भी देखा जा रहा है।

मौजूदा स्ट्रेन से ज्यादा खतरनाक

विशेषज्ञों की मानें तो नए वैरिएंट से संक्रमित मरीज 3-4 दिनों में हाइपोक्सिया या डिस्पनिया के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में मरीज के फेफड़े तक सांस नहीं पहुंच पाती। समय पर इलाज व ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं मिलने से मरीज की मौत तक हो जाती है। भारत में इन दिनों इसी के चलते ज्यादातर मरीजों की मौत हो रही है।

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विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर समय रहते इसकी चेन को तोड़ा नहीं गया तो कोरोना की ये दूसरी लहर और भी ज्यादा भयावह हो सकती है, क्योंकि ये वैरिएंट मौजूदा स्ट्रेन B.1617 और B.117 से कहीं ज्यादा खतरनाक है।