संकरी सड़क ही ठीक, चौड़े रोड की दरकार नहीं ! फोर्स के कैम्प के विरोध में आए सैकड़ों आदिवासी

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संकरी सड़क ही ठीक, चौड़े रोड की दरकार नहीं ! फोर्स के कैम्प के विरोध में आए सैकड़ों आदिवासी

पंकज दाउद @ बीजापुर। पुसनार में फोर्स के प्रस्तावित कैम्प और सड़क के विरोध में सोमवार को कई गांवों के सैकड़ों लोग गंगालूर पहुंचे। इन लोगों का कहना है कि पहले बनी सड़क ही काफी है और उन्हें चौड़ी सड़क की दरकार नहीं है।

कई गांवों के लोग यहां फोर्स के कैम्प के विरोध में आए थे। वे गंगालूर और पुसनार के बीच बन रही 10 किमी की सड़क का विरोध कर रहे थे। उनका आरोप है कि कैम्प खुल जाने से उनका जीना मुश्किल हो जाता है। खेतों में काम हो जंगल में वनोपज बटोरना हो, तो उन्हें हमेशा डर लगता है कि नक्सलियों के नाम पर पुलिस उन्हें पकड़ ना ले।

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ग्रामीण ना तो खेती कर सकते हैं और ना ही जंगल में स्वतंत्र विचरण। ग्राम सभा के निर्णय पर ही गांवों में काम होना चाहिए। विकास के नाम पर आदिवासियों को जल, जंगल और जमीन से बेदखल किया जा रहा है। वे जान दे सकते हैं लेकिन जल, जंगल और जमीन नहीं दे सकते हैं।

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आंदोलनकारियों ने आदिवासियों पर अत्याचार बंद करने कहा, नहीं तो सिलगेर सरीखे आंदोलन तेज करेंगे। निर्दोष आदिवासियों को जेल में भेजना बंद किया जाए। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा सरकारों को कार्पोरेट घरानों की दलाल करार दिया। आंदोलनकारी बैनर और पोस्टर लेकर आए थे।

इस आशय का एक ज्ञापन उन्होंने एसडीएम देवेश ध्रुव को सौंपा। एसडीएम देवेश ध्रुव एवं डिप्टी कलेक्टर योगी अमित नाथ दोपहर फिर से आंदोलनकारियों को जाने की सलाह देने बाजार स्थल पर पहुंचे।

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क्या खत्म हो गया आंदोलन ?

इस आंदोलन में हिस्सा लेने पुसनार, तोड़का, मेटापाल, हिरोली, बुरजी, एनगोण्डा, पीड़िया, तुमनार, पालनार, हुर्रेपाल, सावनार, करका, मल्लूर, कुरूविसा, एड़समेटा, कावड़, मुदवेण्डी, दुगाल एवं अन्य गांवों से करीब 5 सौ लोग आए थे। ये रविवार की शाम को ही यहां पहुंच गए थे। अपने साथ वे राशन लेकर आए थे। आंदोलन खत्म करने के बारे में उनका कहना था कि अभी इसका निर्णय नहीं लिया गया है।