मनरेगा कर्मियों की हड़ताल खत्म…. मंत्री कवासी लखमा स्वयं पहुंचे धरनास्थल, इन शर्तों पर स्थगित किया गया आंदोलन

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मनरेगा कर्मियों की हड़ताल खत्म…. मंत्री कवासी लखमा स्वयं पहुंचे धरनास्थल, इन शर्तों पर स्थगित किया गया आंदोलन

रायपुर @ खबर बस्तर। पिछले दो महीने से भी ज्यादा समय से चली आ रही मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को खत्म हो गई। कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा से मिले आश्वासन के बाद मनरेगा कर्मियों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर दिया।

प्रदेश के आबकारी व उद्योग मंत्री कवासी लखमा मनरेगा कर्मचारियों के धरनास्थल पर पहुंचे और संघ के पदाधिकारियों से चर्चा की। कवासी लखमा ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को सरकार गंभीरतापूर्वक सुनेगी और उचित निर्णय लिया जाएगा।

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लखमा ने मनरेगा कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए 3 महीने का समय मांगा है। जिसपर बनी सहमति के बाद हड़ताल खत्म किया गया। उन्होंने आंदोलनकारियों को संबोधित करते कहा कि तीन महीने के भीतर अगर उनकी मांगें नहीं पूरी हुई, तो वे आंदोनकारियों के साथ खड़े होंगे।

इन बिंदुओं पर बनी सहमति…

  • मांगों की पूर्ति हेंतु गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा आगामी तीन माह के भीतर प्रक्रिया पूरी की जायेगी। जिसमें 2 सूत्री मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए कार्यवाही की जायेगी।
  • राज्य मनरेगा आयुक्त द्वारा 2 जून 2022 को समाप्त किये गये 21 सहायक परियोजना अधिकारी की सेवा बहाली तत्काल की जायेगी। बहाली के बाद ही 12731 मनरेगा कर्मी सेवा में उपस्थिति देंगे।
  • अनिश्चतकालीन हड़ताल अवधि को शून्य मानते हुए हड़ताल अवधि का वेतन सुनिश्चित किया जायेगा।
  • यह भी सुनिश्चित किया जायेगा भविष्य में हड़ताल को आधार मानते हुए या किसी भी मनरेगा कर्मचारी के उपर प्रशासनिक द्वेष से कोई कर्मचारी के उपर कोई कार्यवाही नहीं की जीयेगी।
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