लापता जवान की हत्या, नक्सलियों ने ली जिम्मेदारी… 28 अप्रैल से लापता था जवान, अपहरण कर उतारा मौत के घाट

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Naxalites brutally murdered assistant constable

लापता जवान की हत्या, नक्सलियों ने ली जिम्मेदारी… 28 अप्रैल से लापता था जवान, अपहरण कर उतारा मौत के घाट

कांकेर @ खबर बस्तर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से बड़ी खबर आ रही है। यहां नक्सलियों ने पुलिस के जवान को मौत के घाट उतार दिया है। प्रेस नोट जारी कर नक्सलियों ने जवान के हत्या की जिम्मेदारी ली है। उक्त जवान बीते अप्रैल महीने से लापता था।

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नक्सलियों की आरकेबी डिवीजन द्वारा प्रेस नोट जारी किया गया है जिसमें लापता सहायक आरक्षक मनोज नेताम की हत्या किए जाने की बात लिखी हुई है। नक्सलियों ने प्रेस नोट में पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाते हुए जवान की हत्या करने की बात कबूली है।

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नक्सलियों ने पर्चे में लिखा है कि सहायक आरक्षक मनोज नेताम नक्सलियों के खिलाफ मुखबिर तैयार कर रहा था। वह पुलिस में भर्ती होने से पहले भी मुखबिरी के काम में लिप्त था। इसी वजह से उसकी हत्या की गई है।

नक्सलियों ने जवान का शव परिजनों को नहीं सौंपने के लिए अफसोस भी जताया है। उन्होंने कहा कि जवान की हत्या के बाद सुरक्षागत कारणों से उसका शव घरवालों को नहीं दिया जा सका। बताया गया है कि नक्सलियों ने जवान का अपहरण कर लिया था फिर जंगल में ले जाकर उसे जान से मार दिया गया।

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आपको बता दें कि कांकेर जिले के कोडेकुर्सी थाने में पदस्थ सहायक आरक्षक मनोज नेताम बीते 28 अप्रैल से लापता था। वह 28 तारीख को ड्यूटी पर जाने निकला लेकिन थाने नहीं पहुंचा। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। जवान के लापता होने के बाद से उसके अपहरण की आशंका जताई जा रही थी।

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जंगल में मिली थी बाइक और चप्पल

करीब एक महीने पहले लापता जवान की बाइक और चप्पल कांकेर की सीमा से लगे राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित मानपुर इलाके में मिली थी। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि सहायक आरक्षक मनोज नेताम बिना बताए गायब है। उसने कोई छुट्‌टी भी नहीं ली थी।

इधर, वह घर भी नहीं पहुंचा था। ऐसे में घरवाले भी परेशान थे। परिजनों ने मौके से बरामद बाइक और चप्पल देखकर बताया था कि ये मनोज नेताम की ही है। जवान जब घर नहीं पहुंचा तो अपहरण किए जाने की आशंका में परिजन नक्सलियों से जवान को सकुशल छोड़ने की अपील कर रहे थे।

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