NHM कर्मियों की हड़ताल: 205 लोगों का भविष्य हो गया है धुंधला… तीन अफसरों ने आंदोलन से बनाई दूरी !

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NHM कर्मियों की हड़ताल: 205 लोगों का भविष्य हो गया है धुंधला… तीन अफसरों ने आंदोलन से बनाई दूरी !

पंकज दाऊद @ बीजापुर। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत जिले के 202 कर्मियों ने रेग्यूलर करने की मांग को ले मंगलवार को इस्तीफा सीएचएमओ डाॅ बीआर पुजारी को सौंप दिया। अभी एनआरएचएम के तीन अफसर इस हड़ताल से दूर हैं और वे आंदोलन में शामिल नहीं हो रहे हैं।

बताया गया है कि जिले में एनआरएचएम के जिले में 205 कर्मचारी हैं। इनमें करीब 15 डाॅक्टर भी शामिल हैं। मंगलवार को नियमितीकरण की मांग को ले सभी 202 कर्मियों ने अपना इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के मुताबिक जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला लेखा प्रबंधक एवं हाॅस्पिटल सलाहकार हड़ताल से दूर हैं।

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खबर है कि कुछ जिलों में इन पदों के अफसर एवं कर्मचारी भी हड़ताल पर चले गए हैं। हड़तालियों का कहना है कि सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में संविदा कर्मियों को नियमित करने का वादा किया था लेकिन अब वादाखिलाफी की जा रही हैै।

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जिले में कुछ कर्मी तो 15 साल से सेवा दे रहे हैं। उनकी उम्र भी अब सरकारी नौकरी पाने की नहीं रह गई। कोरोना संकट में एनआरएचएम के कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर रेग्यूलर कर्मियों का साथ दे रहे हैं। वे खतरे में भी काम कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

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एनआरएचएम कर्मी संविदा पर हैं और खुदा ना खास्ता उन्हें कुछ हो जाता है तो परिवार को कोई सुविधा नहीं दी जाएगी क्योंकि संविदा में इसका कोई प्रावधान ही नहीं है। मसलन, इन्हें ना तो पेंशन की पात्रता है अैार ना ही अनुकंपा नियुक्ति की। बीमा राषि भी नहीं मिल पाएगी।

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– हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है

अपने धुंधले भविष्य को लेकर कर्मचारी आशंकित हैं और आंदोलन की नौबत आन पड़ी है। कई जिलों में इन कर्मियों की बर्खास्तगी की जा रही है लेकिन अब तक इस जिले में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

कोई कोताही नहीं

इस बारे में एनआरएचएम कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रमाकांत पुनेठा ने कहा कि खतरे के बावजूद हमारे कर्मचारी कोताही नहीं बरत रहे हैं। सेवा देते देश में कुछ कर्मियों की मौत भी हो गई। लंबित मांग पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। ये एक गंभीर मामला है।

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