पामेड के लोग तेलंगाना से पानी खरीदने मजबूर, ग्रामीणों ने विधायक से मिलकर बताई समस्या… विधायक बोले— आपके गांव की फिक्र है, जल्द दूर होगी समस्या

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बीजापुर @ खबर बस्तर। जिले के अंतिम छोर पर बसे पामेड़ के लोगों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय में बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक विक्रम शाह मण्डावी से मुलाकात की। ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि बोरिंग का पानी खराब होने के कारण उन्हें चेरला से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने तेलंगाना से बिजली की आपूर्ति करवाने की भी मांग विधायक से की।

सरपंच चेरपा रमेश की अगुवाई में पामेड़ के कई युवाओं ने मंगलवार को यहां विधायक विक्रम मण्डावी से उनके निवास में मुलाकात की और गांव की समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया। विधायक ने कहा कि वे पामेड़ नहीं आ रहे हैं, इसका अर्थ ये नहीं की उन्हें पामेड़ की फिक्र नहीं है। वे अब सभी विभागों के अफसरों को लेकर आएंगे और सारी समस्याएं सुलझा ली जाएंगी।

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ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें 12 किमी दूर तेलंगाना के चेरला से पीने का पानी लाना पड़ रहा है। गांव में 29 नलकूप हैं और उनमें से 15 से ही पानी निकलता है और वह भी गंदला। उन्होंने गांव में ग्राहक सेवा केन्द्र खोलने एवं पशु चिकित्सक की पदस्थापना के अलावा एंबुलेंस की मांग भी रखी।

 

धान बिकता है 900 रूपए क्विंटल में

लोगों ने बताया कि पामेड़ में धान खरीदी केन्द्र नहीं है जबकि इस इलाके में धान की भरपूर पैदावार होती है। किसानों को छग के समर्थन मूल्य से कहीं अधिक कम दाम पर धान चेरला में जाकर बेचना पड़ता है और परिवहन का खर्च अलग। उन्होंने बताया कि चेरला में उन्हें 900 रूपए क्विंटल की दर पर धान का मूल्य मिलता है जबकि छग में ये 2500 रूपए है।

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किडनी रोग से दो साल में 35 मौतें !

ग्रामीण सतीष तिरूमलगिरी के मुताबिक नलकूपों को खराब पानी पीकर गांव के गड़पा कोताराव (40), मच्चा वीरन्ना (35), तोटूपल्ली कांतम्मा (40),वैंकया सपना (30) समेत दो साल में करीब 35 लोगों की किडनी की बीमारी से मौत हो गई। ग्रामीणों ने गांव में फिल्टर लगवाने की मांग की। विधायक विक्रम मण्डावी ने इसे मंजूरी दे दी।

इधर, सीएमएचओ डाॅ बीआर पुजारी ने बताया कि गर्मी में मेडिकल टीम ने पामेड़ में कैम्प लगाया था। तब वहां किडनी के तीन मरीज मिले थे। नलकूप का पानी के सैम्पल का पीएचई विभाग ने परीक्षण किया लेकिन विभाग ने पानी को साफ कहा।

सीएमएचओ डाॅ पुजारी ने कहा कि किडनी खराब होने के और भी कारण हो सकते हैं। लोग नीमहकीमों के चक्कर में भी पड़ जाते हैं। सीएमएचओ ने कहा कि एक बार फिर से पेयजल का परीक्षण कराया जाएगा लेकिन पानी के कारण किडनी खराब हो रही है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

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