कोरोना काल में हाॅस्पिटल तंत्र से दगा खा गई दुखियारी सुकली… 6 दिन से फ्रैक्चर पैर लिए भटक रही बुजुर्ग महिला

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कोरोना काल में हाॅस्पिटल तंत्र से दगा खा गई दुखियारी सुकली… 6 दिन से फ्रैक्चर पैर लिए भटक रही बुजुर्ग महिला

पंकज दाऊद @ बीजापुर। जेलबाड़ा की एक वृद्धा सुकली हपका (60) इन दिनों हाॅस्पिटल के लचीले तंत्र का शिकार हुए बैठी है। छह दिनों से वह फ्रैक्चर पैर लिए बैठी है लेकिन उसके इलाज की फुर्सत किसी को नहीं है।

इस बारे में डारापारा के पार्षद नंदकिशोर राना ने पत्रकारों को सुकली की व्यथा बताई और उसकी किस तरह से अनदेखी हुई, इस बारे में बताया।

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पार्षद के मुताबिक पहली अगस्त को एक बाइक की ठोकर से सुकली का दायां पैर फ्रैक्चर हो गया। उसे उसी दिन जिला हाॅस्पिटल में भर्ती कराया गया और फिर तत्काल उसे डिमरापाल मेडिकल काॅलेज हाॅस्पिटल रेफर किया गया।

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मेकाज में बुजुर्ग महिला को एक दिन रखा गया फिर उसे कोरोना की व्यस्तता का हवाला देते 10 दिन बाद आने कहा गया। पार्षद नंदकिशोर राना का आरोप है कि ये सुविधा तो जिला हाॅस्पिटल में है लेकिन एक बुजुर्ग महिला को जगदलपुर रेफर किया जाना समझ से परे है।

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उम्र अधिक, आपरेशन में जोखिम

इस बारे में सीएमएचओ डाॅ बीआर पुजारी ने कहा कि महिला की उम्र 60 साल से अधिक है और ऐसे में आपरेशन करना जोखिम भरा है। आपरेशन टेबल में कुछ अनहोनी हो जाए तो मुश्किल होगी। इस वजह से अभी आपरेशन टाला गया है। घर में बैठे रहने से धीेरे-धीरे सुधार हो सकता है।

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