सिलगेर मामले की जांच करेंगे सुकमा के दण्डाधिकारी, गांव आएंगे और करेंगे पूछताछ … कैम्प हटाने पर अभी फैसला नहीं!

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सिलगेर मामले की जांच करेंगे सुकमा के दण्डाधिकारी, गांव आएंगे और करेंगे पूछताछ … कैम्प हटाने पर अभी फैसला नहीं!

पंकज दाउद @ बीजापुर। सिलगेर से फोर्स के कैम्प हटाने के मसले पर हालांकि कोई फैसला नहीं हो पाया है लेकिन सुकमा कलेक्टर ने गोलीबारी की जांच के लिए दण्डाधिकारी की नियुक्ति कर दी है। दण्डाधिकारी मौके पर आकर जांच करेंगे और लोगों के बयान दर्ज करेंगे।

– बासागुड़ा में लोगों से चर्चा करते आला अफसर

बासागुड़ा में रविवार की दोपहर आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बस्तर कमिश्नर जीआर चुरेन्द्र, आईजी पी सुंदरराज, बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल, सुकमा कलेक्टर विनित नंदनवार एवं बीजापुर एसपी कमलोचन कश्यप ने सिलगेर गांव के करीब 50 लोगों से चर्चा की।

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करीब डेढ़ घंटे चली मैराथन बैठक में कैम्प के बारे में अफसरों ने कहा कि ये शासन स्तर का मसला है और इस बारे में शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जहां तक कैम्प के निजी भूमि की बात है, इसका परीक्षण किया जाएगा। नक्शे और खसरे देखे जाएंगे।

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सुकमा कलेक्टर ने इस मामले को लेकर दण्डाधिकारी जांच के आदेश दे दिए हैं और जांच के बिंदू तय किए हैं। दण्डाधिकारी खुद आएंगे और मौके पर जांच करेंगे। इसके अलावा यदि कोई बयान दर्ज कराने आना चाहता है, तो उसके आने जाने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जाएगी।

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यह भी कहा गया कि गांव में कुछ लोग घायल हैं और इनके उपचार की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाएगी। लोग घायलों को निःसंकोच ले जा सकते हैं। वाहन की व्यवस्था सरकार करेगी। आदिवासी समाज की ओर से प्रतिनिधियों में तेलम बोरैया, नरेन्द्र बुरका, अमित कोरसा, सुकमती हपका एवं अन्य शामिल थे।

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कोरोना है, लोग एकत्र ना हों

बैठक में अफसरों ने ग्रामीणोें को समझाईश दी कि अभी कोरोना काल चल रहा है और ये बेहद नाजुक समय है। ऐसे में हजारों लोगों का एक स्थान पर एकत्र होना उचित नहीं है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। अफसरों ने ग्रामीणों का समझाईश दी कि सभी अपने घरों को लौट जाएं। 

कई मांगों पर प्रशासन की हामी

अफसरों ने गांव के लोगों की कई मांगों पर सहमति दी। मौके पर ही स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन, नलकूप, राशन दुकान एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र की मंजूरी दे दी गई। लोगों से कहा गया कि यदि कोई भी समस्या हो तो वे सीधे प्रशासनिक अफसरोें से संपर्क कर सकते है। हर संभव मदद के लिए प्रशासन तैयार है।

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कमिश्नर ने ये कहा

बस्तर कमिश्नर जीआर चुरेन्द्र ने कहा कि सरकार इस इलाके में अमन चैन और तरक्की चाहती है। कोई भी समस्या बातचीत से हल हो सकती है। इसमें हिंसा का कोई स्थान नहीं है। विकास की दृष्टि से ये इलाका अत्यंत पिछड़ा हुआ है और नागरिक सुविधाओं की यहां बेहद जरूरत है। भूमि समतलीकरण, तालाब निर्माण आदि कार्यों के लिए लोग आवेदन दे सकते हैं। प्रशासन हर कदम पर उनका सहयोग करेगा।