बंधक सब इंस्पेक्टर मुरली की रिहाई पर सस्पेंस कायम‚ नक्सलियों ने एक दिन पहले किया था अगवा

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बंधक सब इंस्पेक्टर मुरली की रिहाई पर सस्पेंस कायम‚ नक्सलियों ने एक दिन पहले किया था अगवा

पंकज दाऊद @ बीजापुर। एक दिन पहले गंगालूर थाना क्षेत्र के तुंगलवाया में बंधक बनाए गए सब इंस्पेक्टर मुरली ताती (32) को छोड़े या ना छोड़े जाने को लेकर सस्पेंस बरकरार है। समझा जाता है कि इस मसले पर नक्सलियों के आला लीडर ही फैसला लेंगे।

सूत्रों के मुताबिक दो साल से जगदलपुर में पदस्थ सब इंस्पेक्टर मुरली ताती पालनार गांव के गायतापारा का रहने वाला है और फिलहाल उसका परिवार जगदलपुर में रहता है। यहां उसकी माता एवं भाई जेलबाड़ा में रहते हैं। माता अभी यहां नहीं है। वे तेलंगाना गई हुई हैं।

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खबर है कि दो दिन पहले मुरली ताती जगदलपुर से यहां आया था। बुधवार को वह पालनार गया था और किसी रिश्तेदार के यहां खाना खाकर निकल रहा था। तभी तुंगलवाया गांव के पास नक्सलियों ने उसे पकड़ लिया।

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एक दिन अपने पास रखने के बाद नक्सलियों ने उसकी पत्नी मैनो ताती समेत उसके रिश्तेदारों को बुलाया। इसके पहले उसे पालनार के ही मातापारा में रखा गया था। बताया गया है कि मुरली की मनोस्थिति ठीक नहीं है। पत्नी मैनो ने नक्सलियों से उसके पति हो छोड़ देने की अपील की है।

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समझा जाता है कि नक्सली अपना फैसला एक दो दिन में ले लेंगे। जनअदालत के इंतजार में कतिपय पत्रकार गंगालूर में बैठे थे लेकिन पता चला कि नक्सली पूछताछ कर रहे हैं। पूछताछ के बाद ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

पहले भी गया था गांव

बताया गया है कि एक साल पहले मुरली अपने गांव पालनार गया था। पुलिस में होने के कारण वह पहले से ही नक्सलियों की हिट लिस्ट में था। इस वजह से गांव के कुछ लोगों ने तब उसे ट्रैक्टर में बिठाकर गंगालूर पहुंचाया था। तब वह वहां से बीजापुर आया।

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14 साल पहले भती हुआ था फोर्स में

गंगालूर में ही मुरली पढ़ा लिखा। बारहवी पास करने के बाद 2006-07 में वह एसपीओ बन गया। इसके बाद वह प्रमोशन पाकर सब इंस्पेक्टर तक पहुंच गया। दो साल पहले उसका तबादला जगदलपुर हो गया। तब से वह वहां तैनात है। खबर मिलने पर जगदलपुर से उनका परिवार यहां पहुंचा। उसके बाद उनकी पत्नी रिश्तेदारों के साथ पालनार गई।