तेज रफ्तार स्कूल बस से गिरे दो बच्चे… चलती बस का खुला इमरजेंसी डोर, मासूमों को छोड़कर आगे बढ़ गया ड्राईवर

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तेज रफ्तार स्कूल बस से गिरे दो बच्चे… चलती बस का खुला इमरजेंसी डोर, मासूमों को छोड़कर आगे बढ़ गया ड्राईवर

दंतेवाड़ा @ खबर बस्तर। दंतेवाड़ा जिले की लौह नगरी किरंदुल में मासूम बच्चों के साथ खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक निजी स्कूल की तेज रफ्तार बस से दो बच्चे नीचे गिर गए।

हद तो तब हो गई, जब बस के ड्राईवर को इसकी भनक भी नहीं लगी और वह बस को लेकर आगे बढ़ गया। गनीमत रही कि बच्चों को ज्यादा चोट नहीं लगी है और दोनों बच्चे सुरक्षित हैं।

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जानकारी के मुताबिक, किरंदुल में संचालित प्रकाश विद्यालय की स्कूल बस क्रमांक सीजी 18 टी 5001 बच्चों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान अंबेडकर चौक के पास बस का इमरजेंसी डोर अचानक खुल गया और दो स्कूली छात्र बस से नीचे गिर गए। दोनों बच्चे सातवीं कक्षा के बताए जा रहे हैं। घटना बुधवार की है।

हैरानी की बात यह है कि चलती बस से दोनों छात्रों के गिरने के बावजूद इसकी भनक बस चालक को नहीं लगी और वह बस को लेकर बस स्टैंड की ओर बढ़ गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों की मदद से बच्चों को किरंदुल परियोजना अस्पताल पहुँचाया गया।

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हालांकि, इस घटना में घायल बच्चों को गंभीर चोटें नहीं आईं हैं, लेकिन एक बार फिर स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हो गई है। किरंदुल थाना प्रभारी जितेंद्र ताम्रकार ने बताया कि बस के इमरजेंसी एग्जिट के पास बैठे दो बच्चे टर्निंग के पास बस मुड़ने पर बाहर जा गिरे। ड्राइवर के विरुद्ध धारा 279 और 337 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं

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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार स्कूली बसों में स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी कैमरा, खिड़कियों में जाली, जीपीएस समेत अन्य सुविधाएं होना अनिवार्य है। वहीं बस में बच्चों की देखभाल के लिए केयर टेकर का होना भी जरूरी है, लेकिन जिले के निजी स्कूल संचालक इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते देखे जा सकते हैं।