उसूर को मिला राजस्व अनुविभाग का दर्जा, सीएम भूपेश ने की घोषणा… अब चक्करदार रास्ते खत्म

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उसूर को मिला राजस्व अनुविभाग का दर्जा, सीएम भूपेश ने की घोषणा… अब चक्करदार रास्ते खत्म

पंकज दाऊद @ बीजापुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने जगदलपुर प्रवास के दौरान बीजापुर जिले के उसूर ब्लाॅक को शनिवार को राजस्व अनुविभाग का दर्जा देने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही अब उसूर के लोगों को बड़ी राहत मिली है। 

पहले उसूर, भोपालपटनम अनुभाग के अधीन आता था। इससे यहां के लोगों को राजस्व प्रकरण निपटाने के लिए भोपालपटनम जाना पड़ता था। यहां से भोपालपटनम की दूरी 60 किमी है। 

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भोपालपटनम से आवापल्ली के लिए कोई सीधी बस सेवा नहीं है। आवापल्ली के लोगों को मोदकपाल के रास्ते भोपालपटनम जाना पड़ता था। जाति प्रमाणपत्र, राजस्व के विवाद, पट्टे आदि के लिए अब आवापल्ली के लोगों को आसानी होगी। 

जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य कमलेश कारम सहित क्षेत्र की जनता ने इस घोषणा के लिए सीएम भूपेश बघेल का आभार माना है। उन्होंने कहा है कि ये काफी पुरानी मांग थी। सालों बाद ये मांग पूरी हुई है।  

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– जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम

कमलेश कारम ने कहा है कि उसूर तहसील को राजस्व अनुभाग बनाए जाने के बाद क्षेत्र वासियों को काफी राहत मिलेगी। खासकर, स्कूल और काॅलेज में पढ़ाई कर रहे गरीब आदिवासी युवाओं को जाति, निवास एवं आय प्रमाणपत्र बनवाने में सुविधा होगी। इसके अलावा राजस्व प्रकरणों का निपटारा भी समय पर हो सकेगा। 

कमलेश कारम ने बताया कि वे इसके लिए काफी दिनों से प्रयासरत थे। आवापल्ली को राजस्व अनुभाग का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्र के दूरस्थ अंचल के ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे और प्रशासनिक अमले में कसावट भी आएगी। साथ ही जनता व प्रशासन के बीच की दूरी कम होगी।

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गंगालूर व कुटरू भी फायदे में 

गंगालूर व कुटरू को पूर्ण तहसील का दर्जा दिया गया है। 31 मार्च को सीएम भूपेश बघेल ने इसका वर्चुअल शुभारंभ किया। अब जिले में तहसीलों की संख्या 4 से बढ़कर छह हो गई है। इधर, छिन्दगढ़ एवं बकावण्ड को भी राजस्व अनुभाग का दर्जा दिया गया है।