डॉक्टर बनने की थी तमन्ना और बन गई नक्सली ! माओवादी दंपत्ति ने रखे मेन स्ट्रीम में कदम

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डॉक्टर बनने की थी तमन्ना और बन गई नक्सली ! माओवादी दंपत्ति ने रखे मेन स्ट्रीम में कदम

पंकज दाऊद @ बीजापुर। छग के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के गांव बोड़गा की निवासी मोतिन कवासी जब नारायणपुर में रामकृष्ण मिशन आश्रम में पढ़ाई कर रही थी, तब उसे डॉक्टर बनने की चाहत थी लेकिन उसे क्या पता था कि उसे नक्सली लेकर चले जाएंगे। चार साल बाद उसने अपने पति इंद्रावती एरिया कमेटी के मेंबर फागू कवासी के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।

इंद्रावती एरिया कमेटी के प्लाटून नंबर 16 के मेंबर फागू कवासी (26) और मोतिन कवासी (25) ने बुधवार की शाम सीआरपीएफ के डीआईजी कोमल सिंह, एसपी कमलोचन कश्यप, एएसपी डॉ पंकज शुक्ला एवं डीएसपी आशीष कुंजाम के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

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पत्रकारों से चर्चा में मोतिन ने बताया कि उसने नवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई की। तब वह डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन जब वह बारहवीं पास करने के बाद घर आई तो नक्सली उसे 2018 में अपने साथ ले गए और संगठन का सदस्य बना दिया। वह कहती है कि उसका काम संगठन में नक्सलियों की बैठक के लिए लोगों को गांवों से बुलाना होता था लेकिन उसने कभी किसी बड़ी वारदात में हिस्सा नहीं लिया।

वह बताती है कि कोई भी छोटी सी गलती होने पर नक्सली लीडर बेहद गुस्सा होते थे। उसने बताया कि दलम में कुछ और भी लड़कियां थी। उसने किसी के साथ भी दैहिक शोषण की बात से इंकार किया। उसने बताया कि चार माह पहले उसे पैसे की जरूरत थी, तब वह गांव आ गई।

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चार माह तक गांव में रहने के बाद उसने नक्सली संगठन में जाने से खुद को रोक लिया और मुख्यधारा में आने का फैसला किया। ये फैसला उसके पति फागू का भी था। उसका एक साल का बेटा सौरभ है। वह उसे अच्छी शिक्षा दिलाना चाहती है। उसका मकसद यही है। आत्मसमर्पण करने पर दोनों को प्रशासन की ओर से दस दस हजार रूपए दिए गए।

बम लगाते घायल हो गया फागू

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थ्री नॉट थ्री रखने वाले फागू का दायां हाथ तब जख्मी हो गया,जब वह बम प्लांट कर रहा था। उसने 2005 से नक्सली संगठन में काम करना शुरू किया। पहले वह चेतना नाटय मण्डली का सदस्य बना फिर एलओएस में सदस्य बना। उसे फिर इंद्रावती एरिया कमेटी में मिलिट्री प्लाटून के सदस्य की जिम्मेदारी दी गई।

फागु कई वारदातों में शामिल था। नारायणपुर के पुतनार,अबुझमाड़ के कोहकामेटा, भटबेड़ा, भैरमगढ़ ब्लॉक के फुण्डरी एवं ताड़बल्ला की माओवादी वारदात में वह शामिल था।