जब कोर्ट में हाजिर हुए ‘भगवान शंकर’… पेशी में शिवलिंग ही उखाड़ कर ले आए भक्त, ‘साहब’ मौजूद नहीं थे तो ‘भोलेनाथ’ को मिली नई तारीख

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जब कोर्ट में हाजिर हुए ‘भगवान शंकर’… महादेव नहीं पहुंचे तो शिवलिंग ही उखाड़ कर ले आए भक्त, ‘साहब’ की गैर मौजूदगी पर ‘भोलेनाथ’ को मिली नई तारीख

रायपुर @ खबर बस्तर। आपने khabarBastar.in वेबसाइट पर 17 मार्च को वो खबर जरूर पढ़ी होगी जिसकी हेडलाइन थी… ‘तहसीलदार कोर्ट ने ‘भगवान शिव’ को जारी किया नोटिस… सुनवाई में हाजिर नहीं हुए तो लगेगा 10 हजार का जुर्माना!

आज 25 मार्च का दिन था और भगवान शंकर को कोर्ट में हाजिरी देनी थी। लेकिन भगवान स्वयं तो कोर्ट में प्रकट नहीं हो सकते। ऐसे में उनके भक्त यानी स्थानीय लोग शिवलिंग ही उखाड़कर कोर्ट में लेकर पहुंच गए। हालांकि वहां भी भगवान को राहत नहीं मिली।

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शिवलिंग को लेकर श्रद्धालु कोर्ट पहुंच तो गए लेकिन ‘आजकल के भगवान’ यानी कि तहसीलदार महोदय दफ्तर में मौजूद नहीं थे। लिहाजा कोर्ट ने उन्हें अगली तारीख दे दी। खबर पढ़कर आप हैरान हो रहे होंगे, लेकिन ऐसा सचमुच में हुआ है! खबर के साथ लगी तस्वीर आपकी तसल्ली के लिए ही है।

तहसीलदार कोर्ट ने ‘भगवान शिव’ को जारी किया नोटिस… सुनवाई में हाजिर नहीं हुए तो लगेगा 10 हजार का जुर्माना!

ये पूरा मामला छत्तीसगढ़ के रायगढ़ नगर निगम के वार्ड नंबर 25 अंतर्गत कहुआकुंडा क्षेत्र का है, जहां सरकारी जमीन और तालाब में कब्जे को लेकर नायब तहसीलदार ने 10 लोगों के नाम नोटिस जारी किया था। जिन लोगों को नोटिस जारी की गई उनमें भगवान शिव का नाम भी शामिल था।

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दरअसल, रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 25 की निवासी सुधा रजवाड़े ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार और तहसीलदार कार्यालय को इसकी जांच करने का आदेश दिया।

कोर्ट के आदेश के बाद तहसील कार्यालय द्वारा एक जांच टीम बनाकर मामले की जांच की गई, जिसमें कब्जा करना पाया गया। तहसीलदार कार्यालय द्वारा इस मामले में आरोपी 10 कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर 25 मार्च को पेशी में हाजिर होने कहा गया। ऐसा नहीं करने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाने की बात भी कही गई थी।

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नोटिस मिलने के बाद 25 मार्च को स्थानीय लोग शिवलिंग को लेकर कोर्ट तो पहुंचे। लेकिन वहां बाहर नोटिस लगा हुआ था कि पीठासीन अधिकारी किसी अन्य राजस्व कार्य में व्यस्त हैं, इसके चलते मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 अप्रैल की तारीख निर्धारित कर दी गई है।

इस पूरे मामले पर तहसीलदार शर्मा का कहना है कि नोटिस को लेकर उन्हें जानकारी नहीं है। नोटिस नायब तहसीलदार द्वारा जारी किया गया है। अगर उसमें त्रुटि हो गई है तो इसे सुधार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन सुनवाई होने के कारण कोर्ट की तारीख आगे बढ़ाई गई है।