जिले को सूखाग्रस्त क्यों घोषित नहीं कर रही सरकार ? गागड़ा बोले- ‘किसानों को 9000 दिए जाने के मायने समझ से परे’

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जिले को सूखाग्रस्त क्यों घोषित नहीं कर रही सरकार ? गागड़ा बोले- ‘किसानों को 9000 दिए जाने के मायने समझ से परे’

पंकज दाऊद @ बीजापुर। किसानों के साथ भूपेश सरकार ने शुरू से ही छल किया है और अल्पवर्षा की सूरत में किसानों को 9000 दिए जाने की घोषणा समझ से परे है। कायदे से सर्वे कर जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जाना चाहिए।

– पत्रवार्ता में भाजपा नेता।

ये बात भैरमगढ़ में पत्रकारों से चर्चा के दौरान पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा एवं भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास राव मुदलियार ने कही। उन्होंने कहा कि अवर्षा की स्थिति में राज्य सरकार सर्वे नहीं करवा पा रही है और किसानों को 9 हजार दिए जाने की घोषणा कर रही है।

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ये पैसे किसलिए दिए जा रहे हैं, ये बात समझ से परे है क्योंकि ये नहीं बताया गया है कि प्रति हेक्टेयर ये रकम दी जा रही है या फिर प्रति एकड़। क्या ये मुआवजे की रकम है। नेता द्वय ने आरोप लगाया कि धान की खरीदी में जिले में 6 हजार हेक्टेयर का रकबा कम किया जा रहा है। किसानों के साथ भूपेश सरकार छल कर रही है।

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इस साल किसानों को वक्त पर ना तो खाद मिल पाया और ना ही बीज। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी। उसके बाद सूखे-से हालात पैदा हो गए। इसका मूल्यांकन नहीं किया जा रहा है।

राहुल गांधी के प्रवास से पहले भूपेश सरकार ने 9 हजार रूपए देने का वादा किया। इससे सरकार सुर्खियां बटोरने का यत्न ही कर रही है। असलियत में किसान परेशान हैं। पत्रवार्ता के दौरान भाजपा छग अनुसूचित जनजाति मोर्चा के कार्यकारिणी सदस्य सुखलाल पुजारी, भाजपा जिला महामंत्री सत्येंद्र सिंह ठाकुर एवं भाजपा जिला मंत्री जागर लक्ष्मैया मौजूद थे।

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दबाव से बचने ध्यान भटका रहे कांग्रेसी

पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने आरोप लगाया कि छग भाजपा प्रभारी डाॅ पुरन्देश्वरी के बयान को तोड़मरोड़कर कांग्रेसी जनता के सामने पेश कर रहे हैं। दरअसल, उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा, जैसा बताया जा रहा है। उनकी भाषा और भावना दोनों में ऐसी कोई मंशा नहीं थी।

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दक्षिण भारतीय होने के कारण उनकी बात कांग्रेसी समझ नहीं पाए या फिर समझ भी गए, तो इसे इसलिए मुद्दा बना रहे हैं क्योंकि वे खुद आपसी कलह से जूझ रहे हैं।

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इधर, कर्मचारी भी असंतुष्ट हैं। संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा रहा है और डीए की मांग पर भी भूपेश सरकार मौन है। इन बातों से कांग्रेसी लोगों का ध्यान भटकाने भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं क्योंकि उन्हें अगली बार सत्ता खोने का डर अभी से सताने लगा है।