बारसूर का 16 खंबा मंदिर बदहाल‚ पर्यटकों से दूर ऐतिहासिक धरोहर… स्कूटी से निरीक्षण करने पहुँचीं जिपं अध्यक्ष, कहा- संवारने जल्द होगी पहल

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बारसूर का 16 खंबा मंदिर बदहाल‚ पर्यटकों से दूर ऐतिहासिक धरोहर… स्कूटी से निरीक्षण करने पहुँचीं जिपं अध्यक्ष, कहा- संवारने जल्द होगी पहल

दंतेवाडा @ खबर बस्तर। दक्षिण बस्तर की पर्यटन नगरी बारसूर स्थित ऐतिहासिक 16 खंबा मंदिर देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुका है। यहां तक पहुंचने का रास्ता भी खराब है। लिहाजा पर्यटकों की पहुंच से यह मंदिर दूर है।

पौराणिक नगरी बारसूर में वैसे तो अनगिनत मंदिर हैं‚ जिनमें से कई अनमोल धरोहर पुरातत्व विभाग व जिला प्रशासन की बेरुखी के चलते बदहाली के आंसू बहा रहे हैं। इनमें से एक है 16 खम्भा मंदिर‚ जिसकी जर्जर हालत से रूबरू हुईं जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा।

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गुरूवार को तुलिका जब यहां पहुंचीं तो मंदिर जीर्ण–शीर्ण अवस्था में पड़ा मिला। दरअसल‚ बारसूर में 15 जनवरी से खेल महोत्सव का आयोजन होना है, जिसकी तैयारियों का जायजा लेने जिपं अध्यक्ष बारसूर पहुँची थी। इस दौरान उन्हें 16 खम्भा मंदिर के बारे में जानकारी मिली तो वे स्कूटी में सवार होकर यहां तक पहुंची थीं।

बारसूर में जिला पंचायत अध्यक्ष ने मावलीगुड़ा स्थित 16 खम्भा मंदिर व कलमभाटा के सूर्यमंदिर का निरीक्षण किया। देखरेख के अभाव में इस मंदिर की हालत जर्जर हो चुकी है। ऐतिहासिक 16 खम्भा मंदिर पहुंचने के लिए सड़क भी नहीं है, जिससे आम पर्यटक इस मंदिर का दर्शन नहीं कर पाते।

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पुरातत्व विभाग को लिखेंगे पत्र

तुलिका कर्मा ने कहा कि स्थानीय कार्यकर्ताओं ने ही मुझे इस मंदिर की जानकारी दी। मंदिर पहुँचने सड़क नहीं है, जिसके कारण यहाँ पहुँचना थोड़ा मुश्किल है। कभी 16 खम्भा मंदिर का भव्य स्वरूप था पर अब इसकी स्थिति अत्यंत दयनीय है। दोनों मंदिरों की मरम्मत व संधारण के लिए जल्द ही पुरातत्व विभाग को पत्र लिखेंगे साथ ही सड़क, बिजली, पानी हेतु प्रशासन का सहयोग लेंगे।

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जिपं अध्यक्ष ने बताया कि कलमभाटा के सूर्यमंदिर भी देखरेख के अभाव में पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। नियमित साफ सफाई नहीं होने के कारण झाड़ियों से यह मंदिर ढंक चुका है। मंदिर की मूर्ति को मंदिर से बाहर खुले में रख दिया गया है, जिससे उसके चोरी होने का भय बना हुआ है।

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