पुर्तगालियों के लाए फल के दाम औंधे मुंह गिरे ! प्याज के रेट फिर बढ़े, भिण्डी की दर में हलचल नहीं

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पुर्तगालियों के लाए फल के दाम औंधे मुंह गिरे ! प्याज के रेट फिर बढ़े, भिण्डी की दर में हलचल नहीं

पंकज दाउद बीजापुर। पुर्तगालियों के चलते भारत में सोलहवीं सदी में पहुंचा फल टमाटर अब हर भारतीय घरों की रसोई में गहरी पैठ बना चुका है। इसके बिना तरकारी बेस्वाद-सी लगने लगती है। इस सण्डे मार्केट में टमाटर के भाव सीधे औंधे मुंह गिरकर दस रूपए किलो पर आकर टिक गए। इधर, प्याज ने फिर से अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।

टमाटर (सोलेनम लाइकोपर्सीकम) को पुर्तगालियों ने सोलहवीं सदी में भारत लाया। अठारवीं सदी में ब्रितानी शासकों के चलते इसका व्यापारिक उत्पादन भारत में शुरू हुआ। हौले-हौले ये हर भारतीय घर की रसोइयों का हिस्सा बन गया। बताया गया है कि इन दिनों जगदलपुर मण्डी से स्थानीय साप्ताहिक हाट में टमाटर की आवक हो रही है।

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पिछले सप्ताह ये 20 रूपए किलो की दर पर बिक रहा था और अब इस सण्डे मार्केट को इसके दाम दस रूपए पर आकर टिक गए। इसी तरह पेरू से निकली कंदीय फसल आलू (सोलेनम ट्यूबरोसम) भी भारतीय खानपान का एक मुख्य हिस्सा बन गया है।

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पिछले सप्ताह इसका दाम तीस से चालीस रूपए किलो था, जो इस हफ्ते गिरकर बीस रूपए हो गया। प्याज पिछले सप्ताह तीस रूपए किलो की दर पर बिक रहा था और इस सप्ताह ये पचास रूपए तक आ पहंुचा। मार्केट में दो प्रकार का मटर आ रहा है।

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एक मटर पचास से साठ रूपए किलो की दर पर इस सप्ताह बिका जो पिछले सप्ताह तक अस्सी रूपए किलो था। वहीं कम दानेदार और सूखे मटर की कीमत तीस से चालीस रूपए है। फूल गोभी के दाम साठ से अस्सी से गिरकर अब तीस से चालीस रूपए हो गए हैं।

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गाजर भी साठ से गिरकर चालीस रूपए किलो की दर पर आ गया। मिर्च और भिण्डी के दाम तकरीबन स्थिर से हैं। इनमें कभी कभार मामूली घट बढ़ होती रहती है।

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विक्रेताओं को बस स्टैण्ड में स्थान

सीएमओ पवन कुमार मेरिया ने बताया कि मेन रोड किनारे फैंसी, कपड़े, फल और सब्जी बेचने वालों को बस स्टैण्ड के बगल में खाली स्थान पर जगह दी गई है। बाजार में भी विक्रेताओं को स्थान दिया गया है। इससे ट्रेफिक की समस्या कम होगी। इसी तरह गुपचुप ठेले वालों को महादेव तालाब के किनारे कारोबार करने कहा गया है।

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