कांग्रेस MLA चंदन कश्यप का बड़ा आरोप, ग्रामीणों को जबरन नक्सली घोषित कर रही है पुलिस!

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[su_heading]कांग्रेस MLA चंदन कश्यप का बड़ा आरोप, ग्रामीणों को जबरन नक्सली घोषित कर रही है पुलिस![/su_heading]

नारायणपुर @ खबर बस्तर। बस्तर में सुरक्षा बलों व पुलिस पर अक्सर यह आरोप लगता रहा है कि आम ग्रामीणों को नक्सली बताकर गिरफ्तार किया जा रहा है। अब सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस के एक विधायक ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए यह आरोप मढ़ दिया है।

दरअसल, बस्तर के नारायणपुर विधायक व प्रदेश हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है। कश्यप ने कहा कि पुलिस ग्रामीणों को जबरदस्ती पकड़कर नक्सली घोषित कर रही है। बुधवार को प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने पुलिस पर ये गंभीर आरोप लगाया।

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आपको बता दें कि सिलगेर गोलीकाण्ड मामले की जांच के लिए सीएम भूपेश बघेल ने बस्तर सांसद दीपक बैज की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो मौके पर पहुंच ग्रामीणों से चर्चा करेगी और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी। इस कमेटी में नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप को भी शामिल किया गया है।

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सिलगेर दौरे से पहले प्रेस कांफ्रेंस में चंदन कश्यप ने कहा, “सिलगेर में जो घटना हुई वो नहीं होनी चाहिए थी। घटना हो गई तो विभिन्न समाज के लोग, सर्व आदिवासी समाज के लोग वहां जाकर जांच कर रहे हैं। सीएम भूपेश बघेल ने 9 सदस्यीय विधायकों का दल बनाकर हमें वहां जाने का आदेश दिया है। हम लोग वहां जाएंगे और जांच करेंगे कि किन परिस्थितियों में ऐसी घटना घटित हुई।”

ग्रामीणों को नक्सली बता रही पुलिस

कांग्रेस विधायक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते कहा, “हमारे नारायणपुर के ओरछा ब्लॉक और नारायणपुर ब्लाक के लोगों को यहां की पुलिस उठा—उठाकर जबरदस्ती नक्सली घोषित कर रही है। मैं डीआई से भी बात किया और ये भी कहा कि वास्तव में अगर ये नक्सली हैं तो सूची जारी कीजिए। शासन की समर्पण नीति के तहत हम उनको आत्मसमर्पण कराएंगे। लेकिन आज तक सूची जारी नहीं की गई है।”

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सवालों के घेरे में पुलिसिया कार्रवाई

सिलगेर दौरे से ठीक पहले विधायक चंदन कश्यप के इस बयान ने इस बात को एक बार फिर बल दिया है कि क्या पुलिस ग्रामीणों को फर्जी नक्सली बताकर गिरफ्तारी कर रही है…? क्या पुलिस झूठा आत्मसमर्पण करा रही है ? दरअसल, ये सवाल सालों से अनसुलझे हैं। सरकारें किसी की भी रही हों, पुलिस पर ये सवाल उठते ही रहे हैं।

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सिलगेर मामले में भी पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। पुलिस का दावा है कि सिलगेर में मारे गए 3 लोग नक्सली हैं। ग्रामीणों की आड़ लेकर नक्सलियों ने कैम्प पर फायरिंग की थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में तीन नक्सली मारे गए।

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वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि वहां नक्सली थे ही नहीं। कैम्प के सामने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस ने जबरन गोली चलाई और मरने वालों को नक्सली बताया जा रहा है। इस मामले में भाजपा, सीपीआई, आप पार्टी समेत आदिवासी समाज के लोगों ने भी मौके पर जाकर हालात जानने की कोशिश की। वहीं अब सीएम के निर्देश पर कांग्रेस की समिति गुरूवार को सिलगेर जा रही है।