इस पोटाकेबिन में छात्र सोते हैं पलंग पर… और नींद खुली तो फर्श पर ! पढ़िए ये खबर…

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पंकज दाऊद @ बीजापुर। उसूर ब्लाॅक के बासागुड़ा में बालक आवासीय विद्यालय में अक्सर ऐसा होता है कि नींद में करवट लेने वाला छात्र पलंग से फर्श पर आ जाता है। दरअसल, यहां एक पलंग में दो से तीन छात्र सोते हैं।

सूत्रों के मुताबिक बालक आवासीय विद्यालय की दर्ज संख्या 485 है जबकि यहां गद्दे 200 ही हैं। इस वजह से दो से तीन बच्चों को एक ही पलंग पर सोना पड़ता है। कक्षा आठवीं के छात्र वेटी मनोज और मड़कम नागेश ने बताया कि नींद में करवट लेते वक्त अक्सर बच्चे गिरकर फर्श पर आ जाते हैं।

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इस आवासीय विद्यालय में पलंग, मच्छरदानी, चादर समेत सभी सुविधाएं दी गई हैं लेकिन गद्दे कम पड़ रहे हैं। यहां आसपास के करीब 20 गांव के बच्चे पढ़ते हैं। इस साल और भी बच्चे यहां दाखिला लेना चाह रहे थे लेकिन क्षमता कम होने के कारण उन्हें दीगर स्कूल में दाखिला लेने की सलाह दी गई।

 

दो साल से यहां हाईस्कूल के बच्चे भी रह रहे हैं। पिछले साल इस पोटा केबिन की दर्ज संख्या 460 थी। इस साल नवीं में 36 बच्चे पढ़ते हैं। इस बारे में राजीव गांधी शिक्षा मिशन के डीपीसी ए बसमैया ने बताया कि अभी गद्दे नहीं आए हैं। जल्द ही सप्लाई की जाएगी। ये समस्या तीन चार और पोटा केबिनों में भी है।

 

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कमी नहीं होने देंगे- मण्डावी
विधायक विक्रम शाह मण्डावी ने इस बारे में कहा कि जल्द ही गद्दों की व्यवस्था की जाएगी। शिक्षा क्षेत्र में जिले में स्कूलों और आश्रमों में सुविधाओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। मण्डावी के मुताबिक जिले में गुणवत्तायुक्त शिक्षा पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। कमियों को जल्द दूर कर लिया जाएगा।