सालभर में 7 पागल हुए गायब..! जानिए, आखिर पुराने पागल कहां चंपत हो जाते हैं ?

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सालभर में 7 पागल हुए गायब..! जानिए, आखिर पुराने पागल कहां चंपत हो जाते हैं ?

पंकज दाऊद @ बीजापुर। नगर में कुछ दिनों तक सड़कों और नालियों के किनारे दिखने वाले पागल आखिर कहां चले जाते हैं और फिर नए पागल आ जाते हैं। इस ओर किसी ने कम ही गौर किया है।

एक साल में कम से कम 7 पागल इस नगरपालिका क्षेत्र से गायब हो गए हैं। अब फिर नए पागल दिखने लगे हैं। कोतवाली टीआई शशिकांत भारद्वाज ने बताया कि एक साल में कम से कम सात पागलों को यहां से या तो उनके घर या फिर मानसिक चिकित्सालय में भेजा गया है।

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– पागल महिला।

उन्होंने बताया कि कुछ पागल अपना नाम और गांव का नाम बता देते हैं और कुछ पागल नहीं। ऐसे पागल जिनका नाम पता चलता है और गांव के बारे में मालूम हो जाता है, तो उन्हें गांव भेज दिया जाता है।

हाल ही में उत्तरप्रदेश से आए एक पागल ने अपना और गांव का नाम बताया। यहां से उप्र पुलिस से संपर्क किया गया। कुछ दिनों बाद उसका परिवार यहां पहुंचा और उसे वे ले गए। वह सालों पहले घर से निकल गया था। ज्यादा विक्षिप्त पागलों को मानसिक अस्पताल बिलासपुर भेजा जाता है।

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लिव इन का चक्कर

टीआई शशिकांत भारद्वाज ने बताया कि एक साल में सिर्फ दो केस ही रेप के आए थे। असल में, दोनों केस में लिव इन का फेर था। शादी नहीं करने पर युवतियों ने थाने में रिपोर्ट लिखवा दी। शादी का प्रलोभन देकर दैहिक शोषण के केस बनाए गए।