CM भूपेश बघेल बोले- नक्सली जहां चाहें, बात करने को तैयार ! बशर्ते….

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संविधान पर आस्था जताएं नक्सली, मैं सुकमा आकर बात करने को तैयार- भूपेश बघेल

के. शंकर @ सुकमा। नक्सलियों से वार्ता के मसले पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पहले देश के संविधान पर विश्वास जताएं नक्सली, फिर कहीं पर भी बातचीत हो सकती है। मैं सुकमा आकर भी नक्सलियों से बात करने को तैयार हूं।

गुरूवार को सुकमा में आयोजित पत्रकार वार्ता मे CM भूपेश बघेल ने कहा कि पुलिस पर जनता का विश्वास बढ़ा है। बाहरी तत्वों के बहकावे में अब जनता नही आएगी। लोग धीरे धीरे समझ रहे हैं। ग्रामीण मानते हैं कि फ़ोर्स उनके लिए ही है।

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सीएम ने कहा कि सुकमा में आज बहुत बदलाव आया है। आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण के स्तर में सुधार हुआ है। आदिवासियों की आय में वृद्धि हो रही है। क्षेत्र में लघु वनोपज की खरीद बढ़ी है। अंदरूनी क्षेत्रों में राशन दुकान खोले जा रहे हैं। बंद पड़े स्कूलों का पुनः संचालन हो रहा है।

खत्म हो रहा नक्सलवाद

सीएम बघेल ने कहा कि जिस सुकमा से नक्सलवाद की शुरुआत हुई थी। आज वहां नक्सलवाद बहुत पीछे जा चुका है। ग्रामीण जो पहले सुरक्षा कैंप का विरोध करते थे। आज सुरक्षा कैंप की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के मध्य मैत्री संबंध स्थापित हुए हैं।

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जहां तक नक्सलियों से वार्ता की बात है इसके लिए सरकार हमेशा तैयार है। चर्चा के लिए हमारी ओर से द्वार खुले हैं। जहां चाहें बातचीत हो सकती है। लेकिन वार्ता के लिए एक ही शर्त है कि उन्हें संविधान पर आस्था रखना होगा। इसके बगैर संवाद करना मुमकिन नहीं है।

जल, जंगल, जमीन का अधिकार दिलाने प्रयत्नशील

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन का अधिकार दिलाने हम निरंतर प्रयासरत है। गौठानो में रोजगारमूलक गतिविधियों से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। वास्तविक हितग्राहियों को मिल रहा है वन अधिकार, जिसमें वे कृषि के साथ पशुपालन, मछलीपालन, मुर्गीपालन आदि कार्य कर रहे है।