आरक्षक ने बीवी का कत्ल किया और फिर लापता बता ढूंढने लगा… 3 दिन बाद जंगल से शव बरामद

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आरक्षक ने बीवी का कत्ल किया और फिर लापता बता ढूंढने लगा… 3 दिन बाद जंगल से शव बरामद

पंकज दाउद @ बीजापुर। यहां रक्षित केन्द्र में तैनात एक आरक्षक ने अपनी पत्नी की जंगल में गला दबाकर हत्या कर दी और दो दिनों तक उसे तलाशने का बहाना करता रहा। आखिर जब जंगल में लाश मिली तो मामला सामने आ ही गया। पुलिस ने आरक्षक को पकड़ लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक आरक्षक बुधू पल्ले (35) रविवार को अपनी पत्नी मयनी पल्ले को जंगल से लकड़ी लाने ले गया। मना करने पर भी वह उसे चट्टानपारा शांतिनगर से जंगल की ओर ले गया। उसे साथ जाते उसके बच्चों ने देखा। लेकिन जब वह घर लौटा तो अकेला था।

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रविवार को ही उसने आसपास के लोगों से मयनी के लापता होने की बात बताई और उसे खोजने का बहाना करना शुरू कर दिया। मंगलवार की सुबह शांतिनगर की कुछ महिलाएं जब जंगल की ओर गई तो वहां उन्होंने मयनी की लाश देखी।

इस बात की खबर उन्होंने नपा उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम सल्लूर को दी। सल्लूर ने इस बारे में टीआई शशिकांत भारद्वाज को बताया। तब जंगल से शव बरामद किया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इस वजह से उसने हत्या की।

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ये भी वजह

बुधू के तीन बच्चे हैं और तीन माह पहले ही वह सावनार से एक और बीवी ले आया। वह अपनी पहली पत्नी से छुटकारा पाना चाहता था। बताया गया है कि 14 अप्रैल को उसने दूसरी पत्नी जोगी को तेलंगाना छोड़ दिया। इसके पहले भी वह पहली पत्नी से कई बार मारपीट कर चुका था। उसके आचरण से पड़ोसी भी डरते थे।

नक्सली से आरक्षक बना, मुठभेड़ के बाद प्रमोशन

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बुधू पहले नक्सली था और 2013 में उसने सरेण्डर कर दिया। साकीलंका थाना बेदरे निवासी बुधू को गोपनीय सैनिक बना दिया गया। अबूझमाड़ के पदमेटा में उसकी टीम ने मुठभेड़ में नक्सलियों को मार गिराया था।

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बुधू की आवापल्ली में भी पोस्टिंग थी। इस दौरान भी उसकी टीम ने एनकाउण्टर में नक्सली को मार गिराया और हथियार बरामद किए। डेढ़ साल पहले उसे आरक्षक प्रोन्नत किया गया। कुछ दिन पहले ही वह राजनांदगांव से ट्रेनिंग से लौटा था।