कोरोना का एक मरीज हो गया नौ दो ग्यारह..! फोन नंबर बंद, घर में ही हो गया था क्वारेंटिन

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कोरोना का एक मरीज हो गया नौ दो ग्यारह..! फोन नंबर बंद, घर में ही हो गया था क्वारेंटिन

पंकज दाउद @ बीजापुर। कोरोना का एक मरीज पिछले सोलह दिनों से लापता था और मेडिकल टीम उसकी तलाश करती रही क्योंकि उसका फोन नंबर बंद था।

सूत्रों के मुताबिक एक व्यक्ति का दस दिन पहले कोरोना टेस्ट किया गया था। टेस्ट में वह पाॅजीटिव पाया गया। उसने अपना नाम एस जब्बा निवासी जेलबाड़ा बताया और फोन नंबर भी दिया। लेकिन ना तो उसका फोन लग रहा था और ना ही वह अपने पते पर था।

मेडिकल टीम इस बारे में पता लगा रही थी क्योंकि पाॅजीटिव के घूमने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता था। सीएमएचओ डाॅ बीआर पुजारी ने बताया कि तेरह अप्रैल को उसका टेस्ट किया गया और 14 अप्रैल को रिपोर्ट में वह पाॅजीटिव पाया गया। उसके बाद से उसका फोन नंबर बंद था।

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घर में ही क्वारेंटाइन

जब मेडिकल टीम घर गई तो घर वालों ने पता गलत होने की बात कह डाली। शनिवार को फिर मेडिकल टीम उसके घर गई तो घर वालों ने इस बात का खुलासा किया कि कोविड हाॅस्पिटल में दाखिल किए जाने के भय से वह घर के एक कमरे में ही क्वारेंटिन हो गया। उसने दवा ली और अब वह ठीक हो गया है।

सीएमएचओ डाॅ बीआर पुजारी ने बताया कि 30 अप्रैल को 41 लोग पाॅजीटिव पाए गए। इसी दिन 9 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इस तारीख तक जिले में 4672 मरीज मिले थे और इनमें से कोविड हाॅस्पिटल से 2578 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। 4472 लोग होम आईसोलशन में रहकर या कोविड में रहकर डिस्चार्ज हो गए।

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शादियों ने बढ़ाई तादाद

देखा गया है कि शादियों और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों से कोरोना मरीजों की तादाद जिले में बढ़ी है। भैरमगढ़ ब्लाॅक के गुदमा इलाके में दो तीन शादियां हुईं। नतीजा ये निकला कि यहां एक ही दिन में 22 मरीज सामने आए। बताया गया है कि शादी में 20 लोगों को आने की अनुमति है लेकिन इससे कहीं ज्यादा लोग आ जाते हैं।

पालिका की ओर से राशन

जिला मुख्यालय में रहने वाले जरूरतमंद लोगों को राशन दिया जा रहा है। सीएमओ पवन कुमार मेरिया ने बताया कि अब तक आठ दस लोगों को राशन का पैकेट दिया गया है। पार्षद की संस्तुति पर ही राशन दिया जा रहा है।

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कोई व्यक्ति सीधे पालिका में राशन के लिए आता है तो पार्षद से इसका परीक्षण कराया जाता है कि वह जरूरतमंद है या नहीं। राशन में चावल, दाल, मिर्च, आलू, प्याज, हल्दी, धनिया आदि दिया जा रहा है।

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हेल्पलाइन नंबर से किसी ने संपर्क नहीं किया

तेलंगाना, महाराष्ट्र एवं दीगर राज्यों में फंसे मजदूरों को लाने राज्य शासन ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है लेकिन अब तक किसी मजदूर या उनके ठेकेदारों ने संपर्क नहीं किया है। जिलेे में दाखिल हो रहे मजदूरों को उनके घरों तक ले जाने की व्यवस्था की जाएगी। जानकारी के अभाव में लोग श्रम विभाग से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि श्रम विभाग ऐसे मजदूरों का पता लगा रहा है।