PMGSY में अनोखा कारनामा, ‘अदृश्य’ शक्ति काट रही करोड़ों के चेक ! ठेकेदारों को ई पेमेंट भी होने लगा

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PMGSY में अनोखा कारनामा, ‘अदृश्य’ शक्ति काट रही करोड़ों के चेक ! ठेकेदारों को ई पेमेंट भी होने लगा

 

पंकज दाऊद @ बीजापुर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना क्रमांक दो में इन दिनों अजीबोगरीब तरीके से चेक कट रहे हैं। यहां पदस्थ ईई को ही नहीं मालूम की चेक कैसे कट रहे हैं और किसकी अनुमति से ? और तो और, ठेकेदारों को करोड़ों का भुगतान भी हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक, ये पूरा खेल पीएमजीएसवाय क्रमांक एक के ईई के इशारे पर हो रहा है। दरअसल, क्रमांक एक के ईई बलराम सिंह ठाकुर ई पेमेंट के कंट्रोलर हैं और उनकी अनुमति से ही चेक कटते हैं। अभी पीएमजीएवाय क्रमांक दो के ईई एमपी खरे हैं। उनके पहले इसका प्रभार जितेन्द्र कुमार मेश्राम के पास था।

जितेन्द्र मेश्राम की पदस्थापना विकास संभाग दुर्ग में सहायक यंत्री के पद पर है। उनकी तनख्वाह भी दुर्ग से ही निकल रही है लेकिन जितेन्द्र मेश्राम तीन माह से बीजापुर में ही टिके हुए हैं जबकि एमपी खरे ने एकतरफा प्रभार पहले ही ले लिया है।

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एमपी खरे पूर्णकालिक ईई हैं। अब जब कभी एमपी खरे कार्यालय में नहीं होते हैं तो कार्यालय का लिपिक चेक बुक जितेन्द्र मेश्राम को थमा देता है और वे चेक काटकर निकल जाते हैं जबकि उनका इस कार्यालय से कोई लेना देना नहीं है और उनकी पोस्टिंग तो दुर्ग में हैं।

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बताया गया है कि मई और जून में ठेकेदारों को करोड़ों का ई पेमेंट किया गया। क्रमांक एक के ईई बलराम ठाकुर ने इसे पास कर दिया जबकि जितेन्द्र मेश्राम के पास कोई अधिकार ही नहीं है। कायदे से पूर्णकालिक ईई एमपी खरे की अनुशंसा पर ही ई पेमेंट किया जा सकता है लेकिन नियमों को दरकिनार कर बलराम ठाकुर ने ई पेमेंट कर दिया।

ईई के होते हुए एक सहायक यंत्री के ई पेमेंट को कैसे बलराम ठाकुर पास कर रहे हैं, ये सवाल उठ रहा है।

सूत्रों के मुताबिक ई पेमेंट से पहले नोट शीट में कलेक्टर का अनुमोदन होता है लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है। कलेक्टर के अनुमोदन के बगैर ई पेमेंट किया गया है।

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बताया गया है कि इस मामले की शिकायत भी हो गई है। धोखे से चेक बुक रख कर इसे काटना एक अपराध है। इसमें एई और क्रमांक एक के प्रभारी ईई की गहरी संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है।

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कुछ ही दिनों पहले एई ने करीब 35 लाख रूपए का चेक काटा। ये चेक ठेकेदारों को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के काम का दिया गया है। इसमें सिर्फ एई जितेन्द्र मेश्राम की ही जिम्मेदारी है।

जूनियर हैं बलराम ठाकुर

पीएमजीएसवाय के संभाग एक के ईई बलराम ठाकुर प्रभार में हैं और वे भी एई ही हैं। उनके कई सीनियर हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें ईई का प्रभार दिया गया है।