नक्सलियों ने जुड़वा भाईयों का किया अपहरण, एक की कर दी हत्या… दूसरा चंगुल से भागने में हुआ कामयाब

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नक्सलियों ने जुड़वा भाईयों का किया अपहरण, एक की कर दी हत्या… दूसरा चंगुल से भागने में हुआ कामयाब

पंकज दाऊद @ बीजापुर। यहां से करीब 30 किमी दूर गंगालूर थाना क्षेत्र के गोंगला गांव में सोमवार की शाम नक्सलियों ने दो जुड़वा भाइयों को अगवा कर लिया फिर एक की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। अपहरण के दौरान ही दूसरा भाई किसी तरह नक्सलियों के चंगुल से भाग जाने में कामयाब हो गया।

Former assistant constable murdered in Bijapur

सूत्रों के मुताबिक रामलू बेड़जा (47) एवं लखमू बेड़जा (47) सोमवार को गांव में पण्डुम मनाने बीजापुर से गए थे। दोनों भाई जिला मुख्यालय में ही रहते थे। बताया गया है कि नक्सलियों को उनके गोंगला आने का इंतजार था। सोमवार की शाम करीब 10-15 नक्सली दोनों भाइयों के घर पहुंचे और फिर दोनों को बंधक बनाकर पुसनार की ओर जंगल में ले गए।

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नक्सलियों ने जंगल में दोनों भाइयों की जमकर पिटाई की। फिर उन्होंने रामूलू बेड़जा की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इस बीच लखमू किसी तरह भागकर गांव आ गया। लखमू का उपचार गंगालूर हाॅस्पिटल में किया गया। नक्सलियों ने शव को गोंगला में रख दिया था।

शव ले जाने की मनाही

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नक्सलियों ने शव को गांव से बाहर ले जाने मना किया था। इसकी सूचना गंगालूर थाने को दी गई और एफआईआर दर्ज की गई। गंगालूर से गई फोर्स ने शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पीएम किया। इसके बाद शव को फोर्स ने गोंगला छोड़ दिया।

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पहले भी मार चुके हैं दो भाइयों को

सलवा जुड़म के दौरान लखमू के बड़े भाई पिटे बेड़जा की नक्सनियों ने मुखबिरी के शक में 2006 में हत्या की थी। इसके बाद माओवादियों ने 2010 में एक और भाई सहायक आरक्षक रामलाल बेड़जा की पदेड़ा के पास हत्या की। इसके बाद भी लखमू और रामूलू गांव में रह रहे थे।

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नक्सलियों ने गांव से दोनों को भगा दिया। वे बीजापुर में आकर रहने लगे। एक भतीजे की शिक्षाकर्मी में अनुकंपा नियुक्ति मिली। बताया गया गया है कि शिक्षाकर्मी भी सोमवार को गांव गए थे लेकिन वे भी किसी तरह बच कर आ गए।

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