नक्सलियों से निपटने बस्तर में CRPF के 5 नए बटालियन की होगी तैनाती… ‘रेड कॉरिडोर’ में खुलेंगे नए कैंप

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नक्सलियों से निपटने बस्तर में CRPF के 5 नए बटालियन की होगी तैनाती… ‘रेड कॉरिडोर’ में खुलेंगे नए कैंप

रायपुर @ खबर बस्तर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से निपटने आरपार की लड़ाई लड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित बस्तर में तैनाती के लिए सीआरपीएफ की 5 नई बटालियन जल्द ही यहां पहुंच जाएंगी। पुलिस मुख्यालय ने इसे लेकर आवश्यक तैयारी शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि नक्सलवाद पर नकेल कसने के लिए नक्सल इलाकों में सुरक्षा बलों के नए कैंप खोले जाएंगे। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। इस काम के लिए राज्य शासन ने 5 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। कैंपों में जवानों की सुरक्षा के इंतजाम के अलावा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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राज्य ने मांगे थे 9 बटालियन

दरअसल‚ माओवादियों के खात्मे के लिए चल रहे नक्सल ऑपरेशन के तहत राज्य सरकार ने केन्द्र से सीआरपीएफ के 9 नए बटालियन की मांग की थी, जिसमें कुछ दिन पहले ही 5 बटालियन के लिए हरी झंडी मिल गई है। बताया गया है कि नए कैंप कहां खाेले जाएंगे, उसकी जगह तय कर दी गई है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार हाल ही में दो बार बस्तर का दौरा कर चुके हैं। वहीं नक्सल मसले को लेकर सीएम भूपेश बघेल से उनकी मुलाकात भी हुई थी। विजय कुमार ने डीजीपी डीएम अवस्थी व एंटी नक्सल ऑपरेशन के स्पेशल डीजी अशोक जुनेजा के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया था।

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बस्तर में तैयारी शुरू‚ ग्रामीणों का विरोध भी

सीआरपीएफ के नए बटालियन की तैनाती को लेकर बस्तर में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार से चर्चा के बाद सीएम बघेल ने अनुपूरक बजट में इसके लिए 5 करोड़ रुपए रखे हैं। इधर‚ नए कैंप खुलने की सुगबुगाहट के बाद नक्सलियों ने इसके विरोध के लिए ग्रामीणों को आगे कर आंदोलन की रणनीति शुरू कर दी है।

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हालांकि‚ कई इलाकों में ग्रामीण कैंप खोलने की भी मांग कर रहे हैं, जिससे नक्सलियों का भय कम हो और क्षेत्र में विकास कार्य शुरू किए जा सकें। ऐसे में पुलिस कैंपों की स्थापना उन क्षेत्रों में की जा रही है‚ जहां नक्सलियों की अच्छी खासी पैठ है। इन स्थानाें में कैंप खोलने के बाद नक्सलियों को पीछे खदेड़ने और उनके कॉरिडोर को खत्म करने की कोशिश सरकारों की है।

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