‘मुुंडा बाजा’ लेकर थिरकने लगे CM भूपेश बघेल, जनजातीय साहित्य महोत्सव में लोक नर्तकों संग करने लगे डॉन्स

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CM Bhupesh Baghel started dancing with folk dancers in Tribal Literature Festival

‘मुुंडा बाजा’ लेकर थिरकने लगे CM भूपेश बघेल, जनजातीय साहित्य महोत्सव में लोक नर्तकों संग करने लगे डॉन्स

रायपुर @ खबर बस्तर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार को राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जनजातीय धुनों पर थिरकते नजर आए।

CM Bhupesh Baghel started dancing with folk dancers in Tribal Literature Festival

दरअसल, जैसे ही मंच पर जनजातीय समुदाय के विशेष वाद्ययंत्रों की धुन बजी तो सीएम भी अपने आप को थिरकने से नहीं रोक पाए। मुख्यमंत्री खुद ‘मुंडा बाजा’ लेकर लोक नर्तकों के बीच पहुंचे और नृत्य करने लगे। इस दौरान उन्होंने एक बच्चे को अपने गोद में भी उठा लिया।

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सीएम भूपेश बघेल के साथ आदिवासी विकास विभाग के मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत भी थिरकने लगे। बस्तर के लोक नर्तकों के साथ मुख्यमंत्री और मंत्री देर तक नाचते रहे। इस दौरान पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में बैठे दर्शक भी अपनी जगह पर झूमते दिखे।

CM Bhupesh Baghel started dancing with folk dancers in Tribal Literature Festival

बता दें कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव का आयोजन किया गया है। तीन दिन के महोत्सव में जनजातीय समुदाय से आने वाले देशभर की महान विभूतियां शामिल हो रही हैं। इसके उद्घाटन समारोह में सीएम भूपेश बघेल शिरकत करने पहुंचे थे।

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ये रहेंगे महोत्सव के आकर्षण

तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान प्रत्येक शाम छत्तीसगढ़ की विभिन्न नृत्य विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें जनजातीय नृत्य शैला, सरहुल, करमा, सोन्दो, कुडुक, डुंडा, दशहरा करमा, विवाह नृत्य, मड़ई नृत्य, गवरसिंह, गेड़ी, करसाड़, मांदरी, डण्डार आदि नृत्यों का प्रदर्शन शमिल है।