कोविड हाॅस्पिटल में बदइंतजामी, खाने की टाइमिंग भी ठीक नहीं… पूर्व मंत्री गागड़ा ने कहा, कोरोना से निपटने में भूपेश सरकार नाकाम

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कोविड हाॅस्पिटल में बदइंतजामी, खाने की टाइमिंग भी ठीक नहीं… पूर्व मंत्री गागड़ा ने कहा, कोरोना से निपटने में भूपेश सरकार नाकाम

पंकज दाऊद @ बीजापुर। पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने आरोप लगाया है कि बीजापुर का कोविड़ हाॅस्पिटल बदइंतजामी का शिकार होता जा रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद इसके प्रबंधन की ओर किसी का ध्यान नहीं है।

पूर्व वन मंत्री ने पत्रकारों से चर्चा में कहा है कि कोविड 19 हाॅस्पिटल में भर्ती ज्यादातर लोग ग्रामीण इलाकों के हैं और उनके खाने का वक्त अलग है। वे सुबह 8 बजे खा लेते हैं और रात का भोजन शाम 6 या 7 बजे करते हैं। कोविड हाॅस्पिटल में सुबह दस बजे नाश्ता दिया जाता है। मंगलवार को तो दिन का भोजन शाम चार बजे मिला।

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इसी तरह सोमवार का डिनर रात करीब साढ़े 11 बजे मिला। इतनी देर से भोजन मिलने से बच्चे खाए बगैर सो जाते हैं। हाॅस्पिटल में चार बाथरूम हैं और मरीजों की बढ़ती संख्या से परेशानी हो रही है। पीने के पानी की भी समस्या है।

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ग्रामीणों से चर्चा के बाद महेश गागड़ा ने बताया कि भोजन ठीक है और एक कमरे में दो से तीन लोग रह रहे हैं लेकिन आने वाले दिनों में जगह को लेकर समस्या होगी। दिन और रात में एक बार नर्स आती है और स्क्रेनिंग करती है। पहले दिन मरीजों को टेबलेट दिया गया।

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एक अनार 100 बीमार

पूर्व मंत्री ने कहा कि एक ही डाॅक्टर को सीएमएचओ और सिविल सर्जन का प्रभार दिया गया है। अब तो उन्हें कोविड हाॅस्पिटल भी देखना पड रहा है। इसके लिए किसी और डाॅक्टर की पदस्थापना की जानी चाहिए। एक ही डाॅक्टर को तीन प्रभार देने से उन पर दबाव स्वाभाविक है।

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भूपेश सरकार स्थिति से निपटने में माकूल इंतजाम नहीं कर पा रही है और इसका उदाहरण कोविड हाॅस्पिटल है। तेलंगाना और महाराष्ट्र बाॅर्डर पर माकूल निगरानी नहीं होने का सबब सिर्फ डाॅक्टरों की कमी है। कोरोना को भारत में पहुंचे कई माह हो गए हैं लेकिन भूपेश सरकार डाॅक्टरों और नर्सो की नियुक्ति नहीं कर पा रही है। ये भूपेश सरकार की विफलता की मिसाल है।

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